शहर का नाम एक दिन पहले दीपावली के दिन दर्ज एक्यूूआई स्तर
देहरादून (घंटाघर) 214 348
देहरादून (नेहरू कालोनी ) 154 327
ऋषिकेश 136 257
काशीपुर 128 267
हल्द्वानी 130 251
रुद्रपुर 127 263
हरिद्वार 209 321
सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं 300 से अधिक का एक्यूआई स्तर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों द्वारा एयर क्वालिटी इंडेक्स की चार श्रेणियों में निगरानी की जाती है। शून्य से लेकर 50 तक की एयर क्वालिटी इंडेक्स को सेहत के लिए ठीक माना जाता है। वहीं 51 से लेकर 100 तक एयर क्वालिटी इंडेक्स को संतोषजनक, 101 से लेकर 200 तक को माडरेट व 200 से लेकर 300 को खराब श्रेणी, 301 से लेकर 400 तक को बहुत खराब और 401 से ऊपर के एयर इंडेक्स होने होने पर प्रदूषण के लिहाज से सबसे खतरनाक माना जाता है।
50 से अधिक सांस के रोगी पहुंचे अस्पताल
तेजी से बदलते मौसम के साथ दीपावली पर आतिशबाजी का धुआं सांस रोगियों पर भारी पड़ा। पिछले 24 घंटों में 50 से अधिक रोिगियों की हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ा। गंभीर हालत में तीन दमा रोगियों को कोरोनेशन अस्तपाल और 12 मरीजों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले तीन दिनों में हुई आतिशबाजी से राजधानी का प्रदूषण सामान्य से छह गुना पार कर खतरनाक स्तर पहुंच चुका है। दीपावली को हुई आतिशबाजी से प्रदूषण का स्तर 348 पहुंच गया। दून अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोलाजिस्ट डॉ. अनुराग अग्रवाल के मुताबिक दिवाली में हुई आतिशबाजी के चलते वातावरण में कार्बन डाइआक्साइड और कार्बन मोनोआक्साइड का स्तर अचानक बढ़ जाने से सांस रोगियों को दिक्कतें हुई। शुक्रवार को ओपीडी में है 100 से अधिक ऐसे मरीज आए जिन्होंने सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
दिवाली के दौरान की गई आतिशबाजी सौ से अधिक लोगों की सेहत पर भारी पड़ गई। पटाखा छुड़ाते समय सावधानी नहीं बरतने से जहां 31 लोग झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गए जिसमें कई मासूम भी शामिल है। वहीं अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में 22 से अधिक लोग घायल हो गए। इतना ही नहीं आतिशबाजी को लेकर हुई कहासुनी और मारपीट में भी 26 लोग घायल हो गए। घायलों को दून व कोरोनेशन अस्तपालों में भर्ती कराया गया है।
दून अस्पताल के सीएमएस डॉ. केसी पंत ने बताया कि आतिशबाजी के दौरान घायल हुए 52 लोगों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल लाया गया जिसमें कई बच्चे शामिल थे। इसके अलावा कई दुर्घटनाओं में घायल होकर पांच लोग दून अस्पताल पहुंचे। इतना ही नहीं आतिशबाजी के दौरान मारपीट की भी घटनाएं हुई। जिसमें 11 लोग घायल हुए। सभी घायलों को इलाज किया गया। घायलों के इलाज में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो इसके लिए दून अस्पताल में सीएमएस डॉ. केके टम्टा के साथ ही सभी विशेषज्ञों को तैनात किया गया था। दून अस्पताल के अलावा कोरोनेशन व शताब्दी अस्पताल में भी घायलों का इलाज किया गया। सीएमएस डॉ. शिखा जंगपागी ने बताया कि कोरोनेशन अस्पताल में 52 घायलों का इलाज किया गया। इनमें पटाखा छुड़ाते समय घायल आठ लोग, मारपीट में घायल 15 लोग, सड़क हादसों में घायल 17 व 12 दमा रोगी शामिल हैं।