महिला आर्किटेक्ट के साथ छेड़खानी और मारपीट के मामले में बुधवार को दूसरे पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि आर्किटेक्ट को माल समेत मकान बनाने का ठेका दिया था लेकिन उन्होंने बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया। शिकायत पर उनके साथ मारपीट की गई।
शिकायतकर्ता डॉ. मोनिका शर्मा निवासी कैनाल रोड किशनपुर में राजपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि कि 14 दिसंबर 2021 को एक अनुबंध भवन निर्माण के लिए महिला आर्किटेक्ट और उनके साथी ठेकेदार के साथ हुआ था। आरोप है कि दोनों ने शुरू से ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल करते हुए निर्माण शुरू किया। कॉलम में मानचित्र के अनुसार सरिया नहीं डाला गया। इंजीनियर को बुलाकर जांच कराई गई तो पाया कि सरिया और सीमेंट की मात्रा बहुत कम थी। ईंट भी घटिया मंगाई गई थी। महिला आर्किटेक्ट और ठेकेदार को मिलने बुलाया तो उन्होंने मना कर दिया। 14 अप्रैल 2022 को सहारनपुर आर्किटेक्ट के निवास पर गए तो उन्होंने आठ से दस अज्ञात लोगों को बुलाकर अनावश्यक दबाव बनाकर मानसिक उत्पीड़न करने की कोशिश की। तमाम प्रयास के बाद ठेकेदार और आर्किटेक्ट ने रेट्रोफिटिंग का आश्वासन दिया।
आरोप है कि एक मई को आर्किटेक्ट की मां ने फोन पर धमकाया और झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी दी। शाम को ठेकेदार, आर्किटेक्ट और उसके पिता व मां आठ से दस लोगों के साथ जबरदस्ती कैनाल रोड स्थित क्लीनिक में घुस आए। धमकी देते हुए क्षतिपूर्ति न देने और जबरदस्ती समझौता करने की जिद करने लगे। मना करने पर बंधक बना लिया गया और मारपीट कर दी। क्लीनिक में तोड़फोड़ कर कीमती सामान नष्ट कर दिया गया। बताया कि निर्माण के लिए छह लाख 75 हजार और पांच लाख 25 हजार का सरिया दिया गया था। एसओ राजपुर मोहन सिंह ने बताया कि महिला आर्किटेक्ट, उसके माता-पिता और साथी ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। बता दें कि लेनदेन के इस मामले में दो दिन पहले आर्किटेक्ट ने अश्विनी कांबोज, डॉ. मोनिका आदि पर मारपीट और व छेड़खानी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।