कालसी-साहिया के बीच 33केवी की बिजली लाइन में फाल्ट आने से पूरे जौनसार बावर की बत्ती गुल हो गई। 300 से अधिक गांव में ब्लैक आउट की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली उपकरण शोपीस बने रहे। विभागीय अधिकारियों ने आज बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना जताई है। इससे पूर्व बृहस्पतिवार को दिनभर विभागीय कर्मचारी फाल्ट को ढूंढने के काम में जुटे रहे। लेकिन कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी।
बृहस्पवितार की दोपहर क्षेत्र में चली हवाओं के बीच कालसी स्थित काली माता मंदिर और साहिया के बीच लाइन में फाल्ट आ गया। जिससे साहिया फीडर से जुड़े 120, चकराता फीडर से जुड़े 80 और सावड़ा फीडर से जुड़े 65 गांव की बत्ती गुल हो गई। साहिया, समाल्टा, पानुवा, चकराता, त्यूनी, सावड़ा, लोखंडी, लोहारी, पजिटिलानी, हाजा, दसऊ, भंजरा, अलसी, कनबुआ, ककाड़ी, दातनू, बडनू, जोशीगोथान, उत्पाल्टा, कुरोली, निमगा, बिसोई, नराया, ठाणा, माख्टी, पोखरी, सावड़ा, कुनैन, मझगांव, क्वानू समेत 300 से अधिक गांव में अंधेरा पसर गया। लोगों को जोक्टी और लालटेन के सहारे रात रोशन करनी पड़ी। इन दिनों सरकारी स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।
वहीं यूपीसीएल के अवर अभियंता प्रताप सिंह ने बताया कि लाइन में बहुत ही माइनर फाल्ट आया है। जिसे ढूंढने में समय लग रहा है। उम्मीद है कि शुक्रवार तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।