लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में रूबी चौधरी के फर्जी तरीके से प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में रहने के मामले की विवेचना अब अपर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा से लेकर आईपीएस सदानंद दाते को सौंपी गई है।
दाते मेडिकल पीजी कोर्स ठगी प्रकरण पहले से ही जांच कर रहे हैं। बहुचर्चित रूबी प्रकरण की विवेचना बदलने के संबंध में दो दिन से पुलिस मुख्यालय में माथापच्ची चल रही थी। मंगलवार को पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने बताया कि प्रकरण की जांच आईपीएस सदानंद दाते के नेतृत्व वाली एसआईटी को सौंपी गई है।
वह अपने तरीके से उपलब्ध साक्ष्यों का मंथन करने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। अब तक यह जांच अपर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा के पास थी। रूबी पहले ही जमानत पाकर जेल से रिहा हो चुकी है। इस मामले की विवेचना इससे पहले चार बार बदली जा चुकी है। पहले यह विवेचना मसूरी इंस्पेक्टर के पास थी।
रातोंरात स्थानांतरण के बाद विवेचना सीओ मसूरी को सौंपी गई। दो दिन बाद डीजीपी ने एसआईटी गठित कर सीबीसीआईडी की अपर पुलिस अधीक्षक शाहजहां जावेद अंसारी को विवेचना सौंप दी थी। तबीयत खराब होने के कारण बीच में उनसे विवेचना लेकर एएसपी ममता बोरा को सौंप दी गई थी।