अल्मोड़ा जिला जेल से रंगदारी मांगे जाने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को तलवी लेकर (सूचना देकर) मुख्य आरोपी कलीम और उसके सहयोगी महिपाल को कोर्ट में पेश किया। साथ ही महिपाल, कलीम और चालक ललित को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन भी किया था। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश पर तीनों को 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले लिया गया है।
पुलिस ने आरोपी ललित भट्ट को कोर्ट में पेश किया था
सोमवार शाम को एसटीएफ और अल्मोड़ा जिला पुलिस ने जेल में छापा मारकर जेल में बंद कैदी कलीम के रंगदारी मांगे जाने का खुलासा किया था। मामले में पुलिस ने जेल में तैनात चालक ललित भट्ट को भी गिरफ्तार किया। साथ ही तीन मोबाइल, चार सिम कार्ड, डेढ़ लाख रुपये की नकदी और चरस भी बरामद की थी। कागजी कार्रवाई करने के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी ललित भट्ट को कोर्ट में पेश किया था।
जेल से मांगी रंगदारी: उत्तराखंड एसटीएफ और बहादराबाद पुलिस ने कुख्यात कलीम गैंग के चार गुर्गे दबोचे
जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। ललित पर रंगदारी की रकम अपने खाते में मंगाने का आरोप है। इसके साथ ही आरोपी कलीम और महिपाल की तलवी के लिए कोर्ट ने सात अक्तूबर तक का समय दिया था। मामले के जांच अधिकारी/कोतवाल अरुण कुमार ने बताया कि गुरुवार को पुलिस ने कलीम और महिपाल को कोर्ट में पेश किया। तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर ले लिया है।
कई अवैध हथियार व कारतूस बरामद किए
उत्तराखंड एसटीएफ और बहादराबाद की पुलिस टीम ने सोमवर देर रात उसके चार गुर्गों को बहादराबाद से गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो बिहार के निवासी हैं, जबकि दो हरिद्वार के पथरी और मंगलौर क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनसे कई अवैध हथियार व कारतूस बरामद किए गए हैं।
पड़ताल में सामने आया है कि यह चारों कलीम के कहने पर रंगदारी की वसूली करते थे। हरिद्वार के कस्बा मंगलौर निवासी कलीम को पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। कोरोना काल में उसे हरिद्वार जिला कारागार से अल्मोड़ा जेल शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद उसने ज्वालापुर के प्रॉपर्टी डीलर मोनू त्यागी से चार करोड़ रुपए की रंगदारी भी मांगी थी। ज्वालापुर के तत्कालीन कोतवाली प्रभारी प्रवीण कोश्यारी की टीम ने कलीम और पौड़ी जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि के गुर्गों को गिरफ्तार कर इस मामले का पर्दाफाश किया था।