पहाड़ी राज्यों में बनने वाली सड़कों में नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होना चाहिए। आल वेदर रोड पर मंथन करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्यों में भूकंप के संभावित खतरों को देखते हुए पुलों के निर्माण में घुमावदार डिजाइन का इस्तेमाल होना चाहिए।
इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियर्स की ओर से आल वेदर रोड पर आयोजित दो दिनी कार्यशाला का रविवार को समापन हो गया।
कार्यशाला के दूसरे दिन तकनीकी विशेषज्ञों ने कहा कि पर्वतीय इलाकों में मोटी रिटेनिंग वॉल की फोल्डेड प्लेट अर्थ रिटेनिंग स्ट्रक्चर (एफपीईआरएस) तकनीक का प्रयोग होना चाहिए। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एके दिनकर ने व्याख्यान में कहा कि उत्तराखंड में पुल बनाने में घुमावदार पिलर का प्रयोग कर पुलों को अधिक मजबूती दी जा सकती है।
तकनीकी विशेषज्ञ सुमित गुडेसर ने जोर दिया कि आल वेदर रोड के निर्माण में सड़कों की नमी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में नैनो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो। उत्तराखंड राज्य वित्त आयोग के सलाहकार रामकुमार ने कहा कि राज्य में चारधाम यात्रा के लिए आल वेदर कनेक्टिविटी के लिए सार्थक कदम उठाने होंगे।