वहीं, मादा छिपकली में रंग को लेकर कोई बदलाव नहीं पाया गया है। यह छिपकली पूरी तरह शाकाहारी होती है और पहाड़ों की चट्टानों पर उगे पेड़ पौधों की पत्तियों पर ही पूरी तरह आश्रित होती है।
डॉ. अभिजीत के मुताबिक इस तरह की छिपकली की कुछ प्रजातियां लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाई जाती हैं, लेकिन छिपकली की जो प्रजाति मसूरी क्षेत्र में मिली है वह लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में पाई जाने वाली शाकाहारी छिपकलियों से थोड़ा हटकर है।
देश में 300 तो पूरी दुनिया में हैं छिपकली की 8000 प्रजातियां
भारतीय वन्यजीव संस्थान के विज्ञानियों के मुताबिक देश में छिपकलियों की 300 के करीब प्रजातियां पाई जाती हैं। गंगा के मैदानी क्षेत्रों से लेकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक में छिपकलियां पाई जाती हैं। वहीं, पूरी दुनिया में छिपकलियों की औसतन 8000 प्रजातियां चिह्नित की गईं हैं।