फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Corona In Uttarakhand: सरकार ने आरटीपीसीआर और रेपिड एंटीजन जांच की दरें घटाई, अब लगेंगे इतने रुपये

Fri, 22 Jan 2021 12:21 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • निजी लैब में आरटीपीसीआर जांच 500 और रेपिड एंटीजन जांच 427 रुपये में होगी
विज्ञापन
coronavirus demo Photo - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए उत्तराखंड सरकार ने आरटीपीसीआर और रेपिड एंटीजन जांच की दरें घटा दी हैं। निजी पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं में आरटीपीसीआर की जांच 500 रुपये और रेपिड एंटीजन की जांच 427 रुपये में होगी। 

विज्ञापन


कोविड जांच के लिए प्रदेश सरकार ने दूसरी बार दरें घटाई हैं। आरटीपीसीआर सैंपल की जांच दर अब तक 900 रुपये थी, जिसे घटाकर 500 रुपये प्रति सैंपल कर दिया गया है। वहीं, रेपिड एंटीजन सैंपल की जांच दर 719 रुपये प्रति सैंपल थी, जिसे घटाकर 427 रुपये कर दिया गया है।

सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी की ओर से कोविड सैंपल जांच की नई दरें तय करने के आदेश दिए गए हैं। एंटीजन टेस्ट में 292 रुपये और आरटीपीसीआर जांच दर में 400 रुपये प्रति सैंपल की कमी की गई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Corona In Uttarakhand: 162 नए संक्रमित मिले, चार की मौत, सक्रिय मरीजों की संख्या दो हजार से कम 

नई दरों के अनुसार सरकारी व निजी अस्पतालों से भेजे जाने वाले सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच 400 रुपये प्रति सैंपल में की जाएगी। जबकि निजी प्रयोगशालाओं की ओर से स्वयं एकत्रित किए जाने वाले सैंपल की जांच 500 रुपये में की जाएगी। 

Trending Videos

मुख्यमंत्री ने शुरू किया ई ऑफिस से कामकाज

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने कार्यालय में ई ऑफिस प्रणाली से फाइलें निपटानी शुरू कर दी हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने नई प्रणाली के माध्यम से चार फाइलों का निपटारा किया। इनमें देहरादून में स्थापित होने वाले शहीद स्मारक, खेरासैंण में सामुदायिक बरात घर का निर्माण, त्यूणी में फायर यूनिट की स्थापना और स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सकों से संबंधित फाइलें शामिल हैं।

बता दें कि प्रदेश में 21 जनवरी 2020 को ई-ऑफिस प्रणाली शुरू हुई थी। इस प्रणाली से एक वर्ष में 4621 फाइलों का निपटारा हुआ। बृहस्पतिवार को ही सचिवालय में 26 फाइलें निपटाई गईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-आफिस प्रणाली से सचिवालय के कार्य प्रभावी और पारदर्शी ढंग से होंगे और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सकेगी।

फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी। उच्च स्तर पर प्रभावी समीक्षा भी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण विषयों के ऑनलाइन होने से कार्यों में शीघ्रता व पारदर्शिता आएगी।
विज्ञापन

2087 स्वास्थ्यकर्मियों ने लगवाई कोविड वैक्सीन 

प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के चौथे दिन बृहस्पतिवार को 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगवाई गई। चार दिनों में 8206 कर्मचारियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 13 जिलों के 34 बूथों पर टीकाकरण सफल रहा है। 

प्रदेश में पहले चरण का कोरोना टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में 34 बूथों पर ही स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगवाई जा रही है। चौथे दिन पूरे प्रदेश में 2087 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। प्रत्येक बूथ पर एक दिन में 100 स्वास्थ्य कर्मियों को वैकसीन लगाने का लक्ष्य है।

केंद्र की ओर से वैक्सीन लगवाने के लिए मोबाइल पर मैसेज की अनिवार्यता में छूट दी गई। इसके बावजूद भी वैक्सीन लगवाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पहले चरण में वैकसीन लगाने के लिए छह माह का समय है। चार दिनों में 8206 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। 

राज्य कोविड कंट्रोल रूम के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि प्रदेश में कोरोना टीकाकरण सुचारु रूप से चल रहा है। जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। उन्हें 28 दिनों के भीतर दूसरी डोज दी जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें