शिक्षा विभाग में अफसरों ने शून्य तबादला सत्र में चहेतों के लिए नियम कानून ताक पर रख दिए हैं। विभाग में अटैचमेंट पर रोक के बावजूद हरिद्वार जिले में कार्यरत शिक्षिका को देहरादून अटैच कर दिया गया है। वहीं धारा 27 के तहत बेसिक संवर्ग के एक हजार से अधिक शिक्षकों के तबादलों की तैयारी है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए सरकार की ओर से इस वर्ष शून्य तबादला सत्र घोषित किया गया है। इसके बावजूद चहेते और सिफारिश वाले शिक्षकों में मनचाही जगहों पर तैनाती के लिए शून्य तबादला सत्र का तोड़ निकाल लिया है। शिक्षक सिफारिश लगवाकर रोक के बावजूद खुद को मनचाही जगहों पर अटैच करवा रहे हैं।
वहीं धारा 27 के तहत तबादला पा रहे हैं। ताजा मामला हरिद्वार जिले में कार्यरत शिक्षिका को देहरादून अटैच किए जाने का है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के आदेश पर शिक्षिका को हरिद्वार से देहरादून जिले में अटैच किया गया है, जबकि देहरादून जिले में पहले ही शिक्षक सरप्लस हैं।
हरिद्वार जिले के भगवानपुर विकास खंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका को देहरादून जिले के सुगम स्कूल में अटैच किया गया है। शासन के अधिकारियों का कहना है कि शिक्षिका का अटैचमेंट उच्च स्तरीय सिफारिश पर किया गया है।
बताया गया है कि अटैचमेंट के लिए शिक्षिका ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसकी सास का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। उसके छोटे बच्चे हैं। इसके अलावा बेसिक संवर्ग में लगभग 1000 से अधिक शिक्षकों के धारा 27 के तहत तबादलों के लिए आवेदन शासन में पहुंचे हैं। जबकि हाल ही में शासन की ओर से बेसिक संवर्ग में कई शिक्षकों के तबादलों को मंजूरी दी गई थी।
विभाग में अपनाई जा रही दोहरी नीति : रावत
शिक्षा विभाग में 57 वर्षीय शिक्षिका उत्तरा बहुगुणा ने अपनी विषम पारिवारिक परिस्थितियां बताते हुए उत्तरकाशी से देहरादून में तबादले की मांग की थी। वह इसके लिए विभाग के छोटे अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक पहुंची थी। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री नंदन सिंह रावत के मुताबिक उत्तरा बहुगुणा की किसी ने सुध नहीं ली, जबकि विभाग में बैक डोर से सिफारिशी शिक्षकों के तबादले एवं अटैचमेंट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की दोहरी नीति नहीं होनी चाहिए।
शासन के आदेश पर शिक्षिका को हरिद्वार से देहरादून अटैच किया गया है। वहीं धारा 27 के तहत कुछ शिक्षकों के आवेदन शासन को भेजे गए हैं।
- वीएस रावत, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा