उत्तराखंड में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उद्यान सहायक (माली) के 500 पदों पर भर्ती होगी। पहली बार विभाग में उद्यान सहायकों की इतनी तादाद में नियुक्ति की जाएगी। चयन प्रक्रिया के लिए उद्यान विभाग रूपरेखा तैयार कर रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से बागवानी विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विभाग के अधीन प्रदेश भर में 94 राजकीय उद्यान हैं। जहां पर बागवानी संबंधी फसलों की नई प्रजातियों को परीक्षण और प्रदर्शन किया जाता है। वर्तमान में उद्यानों की हालत भी सही नहीं है। इनके रखरखाव और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार 500 पदों पर उद्यान सहायक की नियुक्ति करने की जा रही है। इससे बागवानी क्षेत्र में अनुभवी और प्रशिक्षित लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा।
पहली बार उद्यान विभाग में उद्यान सहायकों की बड़ी संख्या में नियुक्ति होने जा रही है। सरकार का मानना है कि उद्यान सहायकों के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचेगा। साथ ही विभाग के अधीन संचालित उद्यानों में नई प्रजातियां विकसित होने से किसानों को भी जानकारी मिलेगी।
सरकार ने बदला माली का पदनाम
सरकार ने उद्यान विभाग में माली पदनाम बदल कर उद्यान सहायक रखा है। कुछ माह पहले ही सरकार ने पदनाम बदलने का निर्णय लिया है। हालांकि, पदनाम परिवर्तन करने से माली के वेतन व अन्य भत्तों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया।
हटाए गए 102 मालियों को मिलेगा मौका
पूर्व सरकार के समय उद्यान विभाग से हटाए गए 102 मालियों को दोबारा नियुक्ति दी जाएगी। इनके पास दो साल का अनुभव है। दोबारा नियुक्ति के लिए तीन माह का विभागीय प्रशिक्षण देने के बाद उन्हें वापस लिया जाएगा।
प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए 500 उद्यान सहायकों की भर्ती की जाएगी। उन्हें उपनल के माध्यम या अन्य चयन प्रक्रिया को अपनाया जाए। इसके लिए विभाग की ओर से रूपरेखा तैयार की जा रही है। पूर्व में हटाए गए मालियों को भी वापस लिया जाएगा।
- सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री