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BJP को 'चित' कर देगा पूर्व सीएम रावत का यह 'मास्टर स्ट्रोक', पढ़िए पूरी लिस्ट

Mon, 10 Jul 2017 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने बीजेपी को चारो खाने च‌ित करने के ल‌िए मास्टर स्ट्रोक तैयार क‌िया है। उनकी ये ल‌िस्ट वाकइ इतनी लंबी है क‌ि सरकार खुद ही सोचने का मजबूर हो जाएगी...
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हरीश रावत ने बीजेपी सरकार पर अनूठे अंदाज में हमला किया है। उन्होंने बीजेपी सरकार के सौ दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में 110 निर्णयों की सूची जारी की है, जिसे कांग्रेस जनविरोधी मानती है।

सूची जारी करते हुए हरीश रावत ने कहा है कि हम यह चाहते थे कि सरकार के कार्यों का आंकलन करने के लिए कम से कम एक वर्ष का समय दिया जाना चाहिए, लेकिन लगातार जनविरोधी निर्णय लिए जाने के कारण हमें इस तरह की प्रतिक्रिया के साथ सामने आना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णयों के विरुद्ध एक कार्यकर्ता के रूप में सरकार को सतर्क करने की भी हमारी जिम्मेदारी है। 100 दिन के अंदर ही जो दिशा सरकार के काम-काज की नजर आई है, उससे हम सब चिंतित है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि 110 जनविरोधी निर्णयों पर सरकार अवश्य पुनर्विचार कर राज्य के हित में उचित कार्य करेगी। सूची में किसानों की आत्महत्या, कृषि उत्पादन, अपनी सरकार के समय उनके द्वारा की गई पहल और विभिन्न योजनाओं को बदलने पर भी आपत्ति जताई गई है। 



 

हरीश रावत की सूची-सरकार के 110 निर्णय

1. गैरसैंण में विधानसभा का सत्र न करना।
2. गैरसैंण में सचिवालय सहित समस्त निर्माण कार्य ठप्प।
3. गैरसैंण अवस्थापना एवं सड़क निर्माण निगम हेतु बजट की व्यवस्था न करना।
4. गैरसैंण विकास परिषद हेतु धन न देना।
5. गैरसैंण के भावनात्मक महत्व को समाप्त करने का कुप्रयास।
6. चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ-केदारनाथ मन्दिर समिति को भंग करना।
7. चमोली व रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील जनपदों में यात्रा के दौरान जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का स्थानान्तरण।
8. राज्य के लिए चयनित अम्रेला हवाई सेवा उपलब्ध करवाने वाली कंपनी का अनुबंध एक तरफा समाप्त करना, दूरस्थ हवाई पट्टियों व हेलीपैड्स को हवाई सेवा से वंचित करना।
9. चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यापक अनियमित्ताएं व यात्रियों को भारी असुविधा।
10. मेडिकल सुविधा की अव्यवस्था के कारण पचास से अधिक यात्री अकाल काल कल्वित।
11. केदारनाथ नवनिर्माण में निम के महत्व को डीग्रेट करना।
12. केदारनाथ में निर्माण कार्य लगभग ठप्प।
13. ऑल वेदर रोड़ के निर्माण के नाम पर देश व दुनिया को यह संदेश देना कि उत्तराखंड की सड़कें खतरनाक हैं, जबकि यह प्रोजेक्ट ऑल वेदर रोड़ के बजाय चारधाम यात्रा मार्ग सुधार प्रोजेक्ट है।
14. वर्ष 2017 के बजट में कृषिमद में 18 प्रतिशत की कटौती।
15. वित्तमंत्री के बजट भाषण में बागवानी, जड़ीबूटी कार्यक्रमों का उल्लेख नदारद।
16. वित्तमंत्री के भाषण से सैरीकल्चर व सुगंध पौध विस्तार कार्यक्रम गायब।
17. बजट 2017 में ग्राम विकास बजट में 17 प्रतिशत की गिरावट।
18. मेरा गांव-मेरी सड़क योजना का अवमूल्यन।
19. वित्तमंत्री के बजट भाषण से दलित गायब।
20. वित्तमंत्री के बजट भाषण से अल्पसंख्यक कल्याण गायब।
 

हरीश रावत की सूची-सरकार के 110 निर्णय

harish rawat - फोटो : google
21. वित्तमंत्री के बजट भाषण से जनजाति गायब।
22. वित्तमंत्री के बजट भाषण से पिछड़ा, अतिपिछड़ा वर्ग गायब।
23. वित्तमंत्री के बजट भाषण से विधवा, विकलांग, वृद्ध कल्याण योजना का उल्लेख गायब।
24. समाज कल्याण के वर्ष 2017 के बजट में 27 प्रतिशत की कमी।
25. कांग्रेस सरकार में चेतक शिक्षा प्रोत्साहन योजना, महाराजा जगत देव शिक्षा कोष, महाराजा विजयपाल सिंह कन्या छात्रवृत्ति योजना, डॉ. अम्बेडकर दशमोतर छात्रवृति योजना शहीद ऊधम सिंह कम्बोज सहित बाबा साहब फूले आदि महापुरुषों के नाम पर जो योजनायें प्रारम्भ की थी, उनको बजट से गायब कर दिया गया है।
26.मडुवा, रामदाना, काफल, मिर्च सहित पर्वतीय उत्पादों पर प्रोत्साहन बोनस और मूल्य समर्थन योजना को बजट में स्थान नहीं दिया गया।
27.हमारा पेड़-हमारा धन योजना के लिए कोई धन नहीं दिया गया।
28.जंगली जानवरों से खेती की रक्षा हेतु दिवाल बंदी कार्यक्रम बंद।
29.राज्य भाषा-बोली संस्थान सहित सांस्कृतिक क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के लिए कोई बजटीय व्यवस्था नहीं।
30.पिछले वर्ष की तुलना में बजट के आकार में लगभग सात सौ करोड़ कम।
31.जिला योजना में आवंटन घटाया।
32.महिला सशक्तिकरण का आवंटन घटाया।
33.बाल कल्याण मद का आवंटन घटाया।
34.छात्रवृति घोटाले की जांच के नाम पर छात्रवृति के पात्रों को छात्रवृति से वंचित किया जा रहा है।
35.बजट को बिना समुचित बहस के पारित करना।
36.विधानसभा की अनुमति के बिना विधानसभा की कार्य सूची में परिवर्तन व बिना कार्यमंत्रणा समिति के अनुमति के सत्रावसान करना तथा गैर सूचीबद्ध रिर्पोटों को सभा पटल पर रखना।
37.दो बार बिजली के दाम बढ़ाना।
38.पानी के दाम बढ़ाना।
39.राज्य में अघोषित विद्युत कटौती।
40.लगातार वर्षा के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में पेयजल संकट।
 

हरीश रावत की सूची-सरकार के 110 निर्णय

harish rawat
41.राज्य में हत्या, ड़कैती व बलात्कार के मामलों में बड़ी वृद्धि कानून व्यवस्था में गिरावट। 
42.ट्रैफिक जाम का राज्यव्यापी समस्या के रुप में उभरना।
43.मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का भारी अमूल्यन, स्पष्ट दिशा निर्देशों के अभाव में योजना अधर में।
44.प्रधानमंत्री सस्ती दवा वितरण योजना विफल।
45.देहरादून चिकित्सालयों व मेड़िकल कालेज की चिकित्सा व्यवस्था में घोर अव्यवस्था।
46.डॉक्टरों द्वारा स्थानान्तरित स्थान पर कार्यभार ग्रहण न करना, पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था में भारी गिरावट।
47.फार्मासिस्टों सहित चिकित्सा विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती हेतु अधियाचन न भेजना।
48.पूर्व में मंत्री मण्ड़ल के निर्णय के बावजूद कई विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु अधियाचन न भेजना।
49.आरक्षित रिक्त पदों में भर्ती अभियान को जानबूझ कर शीथिल करना।
50.अतिथि शिक्षकों के मामले में पूर्व सरकार के विधि सम्मत निर्णय पर अमल न कर मामले को जान-बूझकर उलझाना।
51.ओला वृष्टि व असमायिक तूफान आदि से फलों व सब्जियों को पहुॅचें नुकसान का किसानों को मुआवजा न देना।
52.किसानों को यूरिया व अन्य फर्टिलाजर एवं कीटनाशक दवाईयॉ उपलब्ध नहीं हो रही  हैं।
53.गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर भारी बकाया।
54.गन्ना बीज बदल कार्यक्त्रस्म हेतु धन का आवंटन नहीं।
55.किसानों से जबरदस्ती ऋण वसूली के आदेश फल स्वरुप राज्य में पहली बार किसानों द्वारा ऋण ग्राह्यता के कारण आत्म हत्या करना।
56.किसानों को आत्म हत्या से रोकने के लिए राज्य सरकार के पास कोई योजना नहीं।
57.किसानों द्वारा पहली बार ऋण ग्राह्यता के कारण की गई आत्म हत्या को लेकर मुख्यमंत्री व मंत्रियों के संवेदनाहीन बयान।
58.राज्य सरकार के सौं दिन का जश्न किसान की आत्म हत्या का उपहास है।
59.सरकार के 100 दिन के जश्न के आयोजन व प्रचार-प्रसार में राज्य के 100 करोड़ रूपये से अधिक खर्च।
60.राज्य सरकार के खर्च पर पार्टी का प्रचार-पार्टी नेताओं को मंचासीन कर राजनैतिक बयान दिलवाना।
 

हरीश रावत की सूची-सरकार के 110 निर्णय

harish rawat - फोटो : ANI
61.राज्य के कार्यक्त्रस्मों में राज्य गीत का गायन न करना, विधानसभा सत्र में राज्य गीत को न गाया जाना।
62.महिला संशक्तिकरण व उत्तराखण्ड़ में परपरागत व्यजंनों के प्रोत्साहन योजना- इन्दिरा अम्मा भोजनालयों का सब्सिडी भुगतान बंद।
63.नंदादेवी-गौरादेवी कन्या प्रोत्साहन योजनाओं का एकीकरण कर गरीब कन्याओं को दी जाने वाली धनराशि में सौं करोड़ रुपया प्रति वर्ष कटौती।
64.वृद्ध पोषण योजना के लिए धन आवंटन पर रोक।
65.दुग्ध बोनस योजना का धन रोका।
66.वृद्धजनों के लिए नि:शुल्क यात्रा को पचास प्रतिशत भुगतान आधारित बनाना।
67.जी.एस.टी. में राज्य का पक्ष न रखने के कारण हिमालयी राज्यों के दस लाख से ज्यादा वार्षिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों पर जी.एस.टी. लागू, जबकि देश में बीस लाख तक के वार्षिक टर्न ओवर पर यह छूट है।
68.राज्य के पूर्ण एक्साईज ड़्यूटी छूट वाले उद्योगों को अब यह छूट केवल 58 प्रतिशत प्राप्त होगी।
69.जी.एस.टी. में राज्य के लघू व सूक्ष्म उद्योगों को कोई सुरक्षा नहीं, समान नियम लागू।
70.ए.पी.एल. के गेहॅू, चावल के दाम लगभग दुगने व मात्रा घटाई।
71.उपभोगत्ताओं को सब्सिडी की चीनी बंद।
72.आधार कार्ड के ना होने के आधार पर हजारों लोग सस्ते राशन से वंचित।
73.गरीब उपभोगत्ताओं को मिट्टी-तेल बंद।
74.पूर्व सरकार के निर्णयों की पुन: समीक्षा के नाम पर विकास कार्य ठप्प।
75.नई सरकार के आने के बाद तीन सौं से अधिक पूर्व स्वीकृत सड़कों पर काम बंद।
76.सौ दिन होने के बाद भी लोकायुक्त न दे पाना। (दृष्टि पत्र में वादा किया)।
77.रामनगर में वनकर्मी की खनन माफियाओं द्वारा हत्या और खनन में भारी भ्रष्टाचार।
78.मार्च 2017 तक 42 रूपया कुन्तल बिकने वाला आर0बी0एम0 सरकार की गलत नीतियों के कारण अब 120 रूपया कुन्तल बिक रहा है।
79.सरकार द्वारा जानबूझ कर सहारनपुर व नहान के खनन व्यापारियों को लाभ पहुंचाया गया।
80.गढ़वाल मण्डल के पहाड़ी जनपदों में पहली बार कच्ची व देशी शराब बेचने की अनुमति। 
 

हरीश रावत की सूची-सरकार के 110 निर्णय

harish rawat
81.महिलाओं द्वारा विरोध के कारण जहॉ-जहॉ शराब की दुकानें नहीं खुल पा रही हैं, वहॉ मोबाईल वैन द्वारा बिक्त्रस्ी करने का निर्णय।
82.शराब की बोतलों पर ओवर रेटिंग।
83.स्थानीय डिस्टलरीज के लिए निर्मित पदार्थ में उत्तराखण्ड के फलों का रस दस प्रतिशत मिलाने का शासनादेश स्थगित।
84.भा0ज0पा0 ने कांग्रेस सरकार पर शराब माफिया को बढ़ावा देने व गलत ब्राण्ड बेचने का आरोप लगाया है, क्या ब्राण्ड बदले हैं या सप्लायर बदले हैं ?
85.शराब बेचने के लिए राज्य हाईवेज का दर्जा बदल कर गांवों व मोहल्लों में शराब की दुकानें खोल दी, स्टेट हाई-वे को ग्रामीण सड़क बना दिया है।
86.शराब के व्यापार में पुन: पुराना कुख्यात सिंडिकेट का प्रभुत्व स्थापित कर दिया है। जिसका एक सदस्य अपने पार्टनर की हत्या में जेल में बन्द है।
87.भा0ज0पा0 के सत्ता में आने के बाद देहरादून सहित राज्यभर में अवैध निर्माण व कब्जों की भरमार, नाले-खाले सब कब्जाये जा रहे हैं।
88.जमीन कब्जाओं व बेचो अभियान में दो विशेषज्ञ विधायक जुट गये हैं।
89.जमीन कब्जाने में बाधक रीवर फ्रन्ट डबलेपमेन्ट योजना व प्राधिकरण दोनों को बन्द करने की कार्यवाही-रीवर फ्रन्ट पर काम बन्द।
90.देहरादून के ट्रैफिक अव्यवस्था को सुधारने के लिए बनाई गई इन्दिरा मार्केट योजना को बन्द करने की साजिश प्रारम्भ।
91.उच्च शिक्षा क्षेत्र में कई अव्यवहारिक निर्णयों द्वारा उच्च शिक्षा का अवमूल्यन विशेषत: डिग्रीधारियों को काली टोपी पहनाने का निर्णय।
92.माध्यमिक व प्राईमरी शिक्षा के क्षेत्र में पूर्णत: हौच-पौच की स्थिति।
93.मानकों की उपेक्षा कर चहेते शिक्षकों के मनमाने स्थानान्तरण।
94.हजारों पात्र पेंशन धारकों को देय पेंशन, आधार कार्ड न होने के नाम पर रोकी गई है।
95.मुख्यमंत्री राहत कोष के धन में बड़ी कटौती।
96.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्यों से वार अगेन्स्ट ल्यूकेरिया व अनेमिकनेस गायब।
97.राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण योजना ठप्प, चिन्नित आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रसंग अधर में।
98.ग्राम पंचायतों के लिए वार्षिक बजट 2017-18 में भारी कटौती।
99.जल संरक्षण व सम्भरण को बढ़ावा देने हेतु प्रारम्भ जल बोनस नीति का बजट में उल्लेख नहीें है।
100.मलीन-बस्तियों के वासियों को मालिकाना हक देने के पूर्व सरकार के निर्णय के क्रियान्वयन पर अघोषित रोक।
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हरीश रावत की सूची-सरकार के 110 निर्णय

101.राज्य में दलित उत्पीड़न की घटनाओं में भारी वृद्धि।
102.राज्य के कई हिस्सों में अल्पसंख्यक वर्ग के कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूटे मुकदमे लगाने, उनके व्यवसाय को बन्द करने हेतु प्रशासनिक दुरूपयोग प्रारम्भ।
103.विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शी टेण्डर नीति समाप्त। अन्धा बांटे रेवड़ी अपनों को भर-भर देय की नीति का अनुसरण।
104.किशोरी, बालिकाओं को मुफ्त सेनट्री नेपकिन वितरण योजना को अधर में लटकाया।
105.अल्मोड़ा आवाशीय विश्वविद्यालय हेतु धन उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है।
106.कावड़ यात्रा हेतु हरिद्वार-दिल्ली हाई-वे बंद करने का निर्णय, जबकि पिछले वर्ष बिना हाई-वे बंद किये कावड़ यात्रा संचालित की गई है।
107.पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए धन की उचित व्यवस्था न कर पाना।
108.पिथौरागढ़ आवंला घाट पेयजल परियोजना के निर्माण कार्य ठप्प।
109.देहरादून के महराणा प्रताप अर्न्तराष्ट्रीय स्पोर्टस स्टेडियम के लिए ओ0एन0जी0सी0 से स्वीकृत धनराशि पचास करोड़ रूपये को रोका जाना।
110.राज्य सरकार द्वारा अशासकीय विद्यालयों में मार्कशीट आधारित मैरिट के अनुसार नियुक्ति करने के निर्णय से उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से उर्त्तीण नवजवानों के साथ हो रहा अन्याय।
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