फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इनकम टैक्स रिटर्न भरने जा रहे हैं, तो पहले जान लें ये जरूरी बातें

Mon, 10 Jul 2017 08:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
आयकर विभाग में इनकम टैक्स रिटर्न भरने की प्रक्रिया चल रही है। आईटीआर रिटर्न करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। लिहाजा, अपना आईटीआर भरने से पहले कुछ बातें आपको जाननी जरूरी हैं। इसके तहत न केवल सभी तरह के फॉर्म की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि इस बार लागू किए गए केंद्र सरकार के कई नियमों की भी जानकारी जरूरी है। 
विज्ञापन



यह हैं आईटीआर के फॉर्म  
आईटीआर 1 : इस फॉर्म को ऐसे लोग फाइल कर सकते हैं, जिनकी 50 लाख रुपये तक की इनकम सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और इंटरेस्ट से है।
आईटीआर 2 : यह फार्म ऐसे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार के लिए है, जो ऐसे किसी बिजनेस या प्रोफेशन में नहीं बल्कि प्रोपेराइटरशिप में हैं।
आईटीआर 3 : ऐसे व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार के लिए है, जिनको प्रॉपर्टी बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम हो रही हो।
आईटीआर 4 सुगम : ऐसे लोगों के लिए है, जिनको बिजनेस या प्रोफेशन से प्रिजंपटिव इनकम हो रही है। जैसे कि अगर किसी के पास 50 ट्रक हैं तो वह बुक्स ऑफ अकाउंट बनाकर रखने के बजाए एक निश्चित रकम घोषित कर देता है। इससे उसे अकाउंट मेंटेन करने में राहत मिल जाती है। इसे प्रिजंपटिव टैक्सेशन कहते हैं। 
आईटीआर 5 : यह फॉर्म फर्म, एलएलपी, एसोसिएशन ऑफ पर्सन एओपी, बॉडी ऑफ इंडिविजुअल बीओई, को-ऑपरेटिव सोसाइटी और लोकल अथॉरिटी के लिए है। 
विज्ञापन

यह नियम भी जानें 

आईटीआर 6 : ऐसी कंपनियों के लिए है, जिन्होंने सेक्शन 11 के तहत एग्जेंप्शन को क्लेम नहीं किया है। 
आईटीआर 7 : ऐसे व्यक्तियों और कंपनियों के लिए है, जिनको सेक्शन 139 4ए या सेक्शन 139 4बी या सेक्शन 139 4सी या सेक्शन 139 4डी या सेक्शन 139 4ई या सेक्शन 139 4एफ के तहत रिटर्न फाइल करना है।
यह नियम भी जानें 
- नए नियमों के तहत अब सिर्फ 80 साल से अधिक उम्र के लोग ही ऑफलाइन रिटर्न फाइल कर सकते हैं। इसके अलावा पांच लाख रुपये तक की इनकम वाले इंडिविजुअल जिनका कोई रिफंड न हो, ऐसे लोग ऑफलाइन रिटर्न फाइल कर सकते हैं। आईटीआर 1 और आईटीआर 2 को छोड़कर बाकी सभी ऑनलाइन भरने अनिवार्य हैं। 
- नोटबंदी के 50 दिन की अवधि में जिन्होंने अपने खाते में 2.50 लाख रुपये से अधिक कैश जमा किया होगा। उन्हें इसकी जानकारी अपने रिटर्न में देनी जरूरी होगी। 
- एक जुलाई के बाद जो भी आईटीआर भरेगा, उसे आधार नंबर भी देना होगा। इसके अलावा आपको आधार नंबर को पैन कार्ड से लिंक कराना जरूरी होगा। 
- अगर आपकी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती है और आपका टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (टीडीएस) कट गया है तो आपको रिफंड लेने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा। इसके बिना अब टीडीएस नहीं मिलेगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें