रविवार को देशभर में पहले उप-राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस दिन शिक्षकों के प्रयासों और उनकी मेहनत को हर कोई सलाम करेगा, लेकिन अपनी जान देकर उफनती नदी में बहने से दो छात्रों को बचाने वाली दून की जांबाज शिक्षिका स्व. संगीता अग्रवाल के परिवार को 10 साल बाद भी इंसाफ नहीं मिल पाया है।
संगीता की बेटी मानसी अग्रवाल सरकार से लंबे समय से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी की मांग कर रही हैं।
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दो छात्रों की जान बचाते हुए संगीता का निधन हो गया था
स्व. संगीता अग्रवाल दून के हल्दूवाला के प्राधमिक विद्यालय में शिक्षिका थीं। 2011 में स्कूल से लौटते वक्त उफनती नदी में फंसे दो छात्रों की जान बचाते हुए संगीता का निधन हो गया। इस साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया।