कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में अपने हिस्से का अंशदान जमा न करने वाले सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने शिकंजा कसा है। डिफाल्टर संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ईपीएफओ ने 15 दिन में 3 करोड़ 65 लाख रुपये की वसूली की है। जबकि, इन संस्थानों पर अभी भी 18 करोड़ रुपये का बकाया है। जिसका भुगतान न करने पर ईपीएफओ इन संस्थानों पर दूसरे चरण की कार्रवाई कर संपत्ति की कुर्की करेगा।
ईपीएफओ कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त विश्वजीत सागर ने कहा कि कर्मचारियों को फायदा दिलाना। इसके लिए सभी डिफाल्टर संस्थानों पर नजर रखी जा रही है। बीते 15 दिनों में विभिन्न सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों के बैंक खाते जब्त कर 3 करोड़ 65 लाख रुपये की वसूली कर ली गई है। अभी भी इन संस्थानों के पास 18 करोड़ रुपये का बकाया है। जबकि देरी से पीएफ का भुगतान करने वाले करीब 250 संस्थानों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। कहा कि पात्र लोगों को पीएफ का लाभ मिले इसके लिए मैपिंग की जा रही है। किसी भी प्रतिष्ठान पर कर्मचारियों के हिस्से का एक रुपये भी नहीं छोड़ा जाएगा।
जबकि, सर्विस टू सस्क्राइबर के लिए एक ओर हेल्पलाइन की शुरूआत की गई है। साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को प्रयास योजना के तहत पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानि पीपीओ उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे सेवानिवृत्त होने के महीने में ही उनके पेंशन दावे भरवाए जा सकें।
14 हजार कर्मचारियों ने नहीं कराया केवाईसी
ईपीएफओ के खाताधारकों के लिए पीएफ खाते से आधार लिंक करना अब अनिवार्य हो गया है, लेकिन अभी भी 14 हजार कर्मचारियों ने अपने खाते की केवाईसी नहीं कराई है। विश्वजीत सागर ने बताया कि सितंबर तक हर हाल में अनिवार्य रूप से नियोक्ताओं को अपने समस्त कर्मचारियों की आधार केवाईसी कराना होगा। कर्मचारियों की केवाईसी नहीं कराने वाले नियोक्ताओं को डिफाल्टर घोषित किया जाएगा।
नहीं करना होगा इंतजार, सभी काम होंगे ऑनलाइन
ईपीएफओ कार्यालय में समस्या के समाधान के लिए आने वाले लोगों को अब लंच ब्रेक पर इंतजार नहीं करना होगा। इसके लिए पीआरओ और पूछताछ काउंटर पर सुबह नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक कर्मचारी मौजूद रहेगा। अब सभी तरह के दावों का ऑनलाइन निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए अब सिर्फ ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। बताया कि चमोली आपदा के मृतकों के 35 दावों का निस्तारण किया जा चुका है। ईपीएफओ की सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ये हैं बड़े बकायेदार
कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में अपने हिस्से का अंशदान जमा न करने वाले बड़े बकायेदारों में यूपीसीएल, नगर निगम देहरादून, उत्तराखंड रोडवेज, नगर पालिका परिषद गोपेश्वर, नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती, एसडीए इंटर कॉलेज रुड़की आदि शामिल हैं।