‘सोनू मुझे जीवन में कभी प्यार नहीं मिला, थोड़ी खुशी आई थी लेकिन वह भी चली गई ... मेरे मरने के बाद दुकान का सामान पिता को तथा शव बुआ को सौंप देना’।
रुड़की में आत्महत्या करने वाले व्यापारी योगेश की जेब से मिले सुसाइड नोट को जिसने भी पढ़ा उसकी आंखें भर आईं। मृतक योगेश ने सुसाइड नोट में अपनी आखिरी इच्छाओं का जिक्र किया है। पिता को शराब छोड़कर परिवार को प्यार देने और उनका ध्यान रखने का भी आग्रह किया है।
शनिवार सुबह योगेश का शव गांव के ही शमशान में पड़ा मिला था। उसके मुंह से झाग निकल रहा था।
योगेश पांच साल की उम्र में ही बुआ के पास आ गया था। योगेश के दो भाई तथा एक बहन है। योगेश ने मरने से पहले दो लोगों के नाम सुसाइड नोट लिख छोड़ा था। पहला सुसाइड नोट साथी सोनू के नाम था।