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'मेरा सामान पिता को देना, बुआ को सौंपना लाश'

Sat, 14 Mar 2015 09:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिरानकलियर (रुड़की)
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‘सोनू मुझे जीवन में कभी प्यार नहीं मिला, थोड़ी खुशी आई थी लेकिन वह भी चली गई ... मेरे मरने के बाद दुकान का सामान पिता को तथा शव बुआ को सौंप देना’।
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रुड़की में आत्महत्या करने वाले व्यापारी योगेश की जेब से मिले सुसाइड नोट को जिसने भी पढ़ा उसकी आंखें भर आईं। मृतक योगेश ने सुसाइड नोट में अपनी आखिरी इच्छाओं का जिक्र किया है। पिता को शराब छोड़कर परिवार को प्यार देने और उनका ध्यान रखने का भी आग्रह किया है।

शनिवार सुबह योगेश का शव गांव के ही शमशान में पड़ा मिला था। उसके मुंह से झाग निकल रहा था।

योगेश पांच साल की उम्र में ही बुआ के पास आ गया था। योगेश के दो भाई तथा एक बहन है। योगेश ने मरने से पहले दो लोगों के नाम सुसाइड नोट लिख छोड़ा था। पहला सुसाइड नोट साथी सोनू के नाम था।
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लिखा, इसी शमशान में दफना देना मुझे

सोनू उसके बराबर में ही अपनी दुकान चलाता है। सोनू को लिखे सुसाइड नोट में जिक्र किया गया था उसकी दुकान का सारा सामान उसके पिता को सौंप दिया जाए। यह सामान उनका ही है। जिक्र किया था कि उसकी जिंदगी में प्यार नहीं है। उसने अपने पिता से आग्रह किया था कि वह शराब छोड़कर परिवार का ध्यान रखे।

दूसरे सुसाइड नोट में बुआ का उल्लेख किया गया था। जिसमें चारों तरफ ऊं लिखा गया था। लिखा था कि उसका शव बुआ को सौंप दिया जाए तथा उसे इसी शमशान घाट में दफना दिया जाए।

पुलिस से विनम्र आग्रह किया गया था कि वह इसके लिए किसी को परेशान न करे। इस मृत्यु लोक में जो आया है उसे जाना है। इन सब बातों का जिक्र इन सुसाइड नोट में किया गया था।
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