पहाड़ों में हो रही भारी बारिश की वजह से प्रदेश की जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली नहीं बन पा रही है।
शुक्रवार को भी उत्तराखंड जलविद्युत निगम की नौ परियोजनाओं में गाद आने से टरबाइनें नहीं घूम पाई। इससे प्रदेश में कई स्थानों पर पांच-पांच घंटे तक बिजली कटौती हुई।
घंटों कटौती झेलनी पड़ी
राज्य के जलविद्युत गृहों से सिर्फ एक करोड़ 48 लाख 50 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन ही हुआ। राज्य की विद्युत मांग तीन करोड़ 59 लाख 80 हजार यूनिट रही।
राज्य के विद्युत गृहों, केंद्रीय सेक्टर और अन्य स्रोतों से बिजली की कुल उपलब्धता तीन करोड़ 41 लाख 30 हजार यूनिट रही। मांग और उत्पादन में काफी अंतर होने की वजह से लोगों को घंटों कटौती झेलनी पड़ी।
ऊर्जा निगम के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि शनिवार के लिए हिमाचल से 25 लाख यूनिट और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से 15 लाख यूनिट बिजली खरीदी गई है।
इन परियोजनाओं में उत्पादन नहीं
198 मेगावाट क्षमता की कालागढ़, मनेरी भाली-प्रथम (90 मेगावाट), छिबरो (240 मेवा), खोदरी (120 मेवा), ढकरानी (34 मेवा), ढालीपुर (51 मेवा), कुल्हाल (30 मेवा), चीला (144 मेवा), पथरी (20 मेवा)
दो परियोजनाओं से ही मिली बिजली
उत्तराखंड जलविद्युत निगम की केवल दो जलविद्युत परियोजनाओं मनेरी भाली-द्वितीय (304 मेगावाट) और खटीमा (42 मेगावाट) से ही विद्युत उत्पादन हो सका।