रुड़की में चार दिन पहले हुए ट्रिपल मर्डर केस ने उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार की नींद उड़ा दी है। खराब कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पहले ही विपक्ष के निशाने पर है।
अंतत: शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अफसरों को बीजापुर गेस्ट हाउस बुलाकर गहरी नाराजगी प्रकट करने के साथ ही पुलिस व जेल के अफसरों को समन्वय बनाकर काम करने की नसीहत दे डाली।
सीएम ने स्पष्ट कहा कि रुड़की जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई तो कार्रवाई होगी।
सुबह साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव एमएच खान, डीजीपी बीएस सिद्धू व आईजी जेल विनोद शर्मा को मुख्यमंत्री ने आवास पर तलब किया।
जेल में माफियाओं के नेटवर्क पर नाराज
मुख्यमंत्री इस बात को लेकर ज्यादा नाराज थे कि जेलों में माफियाओं का नेटवर्क नहीं टूट रहा है और प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर होती जा रही है। इसके बावजूद दोनों विभाग घटनाओं का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ रहे हैं।
सीएम ने कहा कि रुड़की के ट्रिपल मर्डर केस में समन्वय बनाकर काम नहीं हुआ। पुलिस विभाग का खुफिया तंत्र भी जीरो साबित हुआ। सीएम ने अफसरों से पूछा कि आखिर आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने का क्या प्लान है।
सख्ती का दिखा असर
इसके बाद पुलिस व कारागार विभाग के अफसरों को शाम चार बजे प्रमुख सचिव गृह एमएच खान ने शासन में बुलाकर विचार विमर्श किया। इसके बाद पांच बजे मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने गृह, कारागार व पुलिस अफसरों को बुलाकर टूक कहा कि यदि कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तो जिम्मेदारी तय होगी।
पुलिस व जेल विभाग के बीच समन्वय का अभाव है। मुख्य सचिव ने रुड़की कांड के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विचार विमर्श किया और ट्रिपल मर्डर केस की विवेचना की प्रगति जानी।