जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शिक्षामंत्री को मामूली राहत प्रदान करते हुए रिवीजन आवेदन को स्वीकार कर लिया है।
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इस मामले में 24 अप्रैल को सुनवाई होगी। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट से मुकदमे से संबंधित पत्रावली तलब की है।
इस मामले में बीते साल 19 अक्तूबर को शासन की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में मुकदमा वापसी के लिए पत्र भेजा गया था, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था।
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इसके बाद भी आत्महत्या के प्रयास के मामले में आरोपित मंत्री प्रसाद नैथानी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने इस मामले में पहले समन, फिर वारंट जारी किया। वारंट तामिल नहीं होने के बाद अदालत ने कुर्की का आदेश दिया था।
यह था मामला
25 मार्च 2000 कोतवाली में तैनात रहे दारोगा अरविंद सिंह रावत ने मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ आत्मदाह के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था।
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मुकदमे के अनुसार घटना वाले दिन उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष कमल रतूड़क़े साथ मंत्री प्रसाद नैथानी व अन्य लोग बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे।
इस दौरान मंत्री प्रसाद नैथानी ने कचहरी परिसर में खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।
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मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियो ने आग पर काबू पाते हुए नैथानी और रतूड़ी को गिरफ्तार किया था। महासंघ ने आत्मदाह की सूचना एक दिन पहले ही एसडीएम को ज्ञापन के जरिये दी थी।