मंत्री जी, यह कहने तो आ गए-वोट दो, वोट दो..., कभी जनता पर भी तो ध्यान दो।
बगले झांकने लगे नेताजी
यह कहकर जब देहरादून के पटेलनगर में छोटी सी दुकान खोलकर बैठे वृद्ध तित्तर सिंह ने खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल को कचरे से भरी ब्लाक नालियां और गंदगी पर तैरते मच्छर दिखाए तो वह बगले झांकने लगे।
तित्तर से बोले-लिखकर दो...और बगैर रुके कदम आगे बढ़ा दिए। मंगलवार सुबह तकरीबन सवा आठ बजे नीला कुर्ता और काली जैकेट पहने खेल और वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने पैदल ही धर्मपुर विधान सभा क्षेत्र के तहत वार्ड संख्या-43 के पूर्वी पटेलनगर क्षेत्र में घर-घर जाकर संपर्क किया।
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‘सात मई का दिन होगा, हाथ चुनाव चिन्ह होगा...’ जैसे नारों के बीच तकरीबन पौन घंटे के इस दौरे में ज्यादातर लोगों ने कांग्रेस को वोट जरूर देंगे कहकर औपचारिकता निभाई, लेकिन कुछ ने तित्तर की तरह समस्याओं का आइना भी दिखाया।
क्षेत्र में बीमारी फैलने के खतरे से आगाह किया। कहने को यह समस्याएं बेहद क्षेत्रीय थीं, जिनका लोकसभा चुनाव से हालांकि कोई सीधे सरोकार नहीं था, लेकिन चुनावी मौसम में नेता को दरवाजे पर देख लोग खुद पर काबू नहीं रख सके।
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नाली, कूड़े, गंदगी पर मंत्री को घेरने से नहीं चूके। इस दौरान गुरमीत सिंह बग्गा, डिंपल सब्बरवाल, संजय दत्ता, अजय कथूरिया, बब्बल, लेखराज अग्रवाल, राजेश शर्मा, मनमोहन शर्मा, संजय मौर्य, विनोद, कमलेश आदि का सहयोग रहा।
किसी ने पहनाई, किसी ने लौटाई माला
पार्टी कार्यकर्ता माला हाथ में लिए आगे-आगे दौड़ रहे थे, जिस घर के बाहर जो दिखा उसे माला पकड़ा दी। साथ ही ताकीद थी-मंत्री जी के गले में डाल देना।
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पर कुछ इनसे भी दो कदम आगे थे। इन्हीं के हाथ में वापस माला पकड़ाकर बोले-आप ही पहना लेना। बहुत है। कुछ ने मंत्री जी को माला पहनाई भी तो कुछ हाथ में माला लिए घर के भीतर हो लिए, बच्चों के हाथ में पकड़ा दी।
पार्षद तक तो आता नहीं शक्ल दिखाने
‘बड़े चले आए वोट मांगने। एक बार ही नजर आती है जनता। बाकी तो केवल अपने बारे में सोचते हैं। क्षेत्र का पार्षद तक तो कभी आया नहीं हाल जानने’।
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यह प्रतिक्रिया थी पटेलनगर में डेयरी के समीप रहने वाली ज्योति की। ज्योति के बकौल नेताजी चुनाव तक हाथ जोड़ रहे हैं, इसके बाद शक्ल तक देखने को नहीं मिलेगी। सरकार बदलेगी पर महंगाई, टूटी-फूटी सड़कें, सीवर, गड्ढे वैसे ही रहेंगे।