धन दोगुना करने का लालच देकर की गई हजारों करोड़ की ठगी मामले में ईडी ने भी शिकंजा कसा है। ईडी की दिल्ली शाखा में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। पॉवर बैंक नाम की मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से हुई इस ठगी में देशभर में 239 मुकदमें दर्ज किए गए थे। इनमें सबसे ज्यादा 178 मुदकमे तमिलनाडु में दर्ज हैं। अधिकारिक सूत्रों ने ईडी की इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
बता दें कि गत जून माह में इस ठगी का पर्दाफाश उत्तराखंड एसटीएफ ने ही किया था। हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर एसटीएफ ने मुदकमा दर्ज किया था। लालच दिया गया था कि पॉवर बैंक एप में निवेश करने से 15 दिनों में धन दोगुना हो जाएगा। शुरूआत में कुछ लोगों को पैसे लौटाए भी गए। लेकिन, एकाएक कंपनी ने किसी का भी पैसा लौटाना बंद कर दिया। एसटीएफ की जांच के बाद प्रदेश में नौ मुदकमे दर्ज किए गए। इसमें नाइजिरियन समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद दिल्ली, तमिलनाडु और पंजाब जैसे राज्यों की पुलिस सक्रिय हुई। वहां भी मुकदमे दर्ज हुए और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की जांच में पता चला कि इसके कर्ता धर्ता चीन में बैठे हुए हैं। इसके लिए इंटरपोल की मदद लेने को भी पुलिस ने पत्राचार किया गया। एसटीएफ देश के 20 सीए को काली सूची में भी डाला। इस बीच ईडी की कार्रवाई शुरु हुई। पता चला कि क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज वजीर एक्स के माध्यम से 2700 करोड़ रुपये चीन में भेजे गए हैं। इस पर एक्सचेंज को नोटिस भी जारी किया गया।
इस बीच पता चला कि ईडी ने इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार ईडी ने उत्तराखंड एसटीएफ से भी इस संबंध में दस्तावेज मांगे हैं। ताकि, जांच को आगे बढ़ाया जा सके। बताया जा रहा है कि इस संबंध में देहरादून ईडी की टीम को भी सक्रिय किया गया है।