वेतन-पेंशन पर सर्वाधिक खर्च में तीसरा राज्य
उत्तराखंड सबसे अधिक प्रतिबद्ध खर्च के मामले में पंजाब और केरल के बाद देश का तीसरा राज्य है। आंकड़ों के मुताबिक, 2017-18 से 2019-20 के दौरान तीन वित्तीय वर्षों में उत्तराखंड राज्य की कुल कमाई में से 75 प्रतिशत धनराशि वेतन, पेंशन, मजदूरी और कर्ज का ब्याज चुकाने पर खर्च हुए। अभी भी यही स्थिति बनी हुई है।
उत्तराखंड पर औसतन प्रतिव्यक्ति 65 हजार का कर्ज
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़े के मुताबिक, 2021 तक उत्तराखंड पर 75,351 करोड़ रुपये ऋण का संशोधित अनुमान है। इस अवधि में उत्तराखंड के साथ बनें छत्तीसगढ़ और झारखंड पर एक लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है। कुल आबादी और बजट आकार की तुलना में यह उत्तराखंड से कम है।
तीन राज्यों पर औसतन प्रतिव्यक्ति ऋण का ब्योरा
सरकार पर संसाधन जुटाने का दबाव
राज्य की माली हालत को देखते हुए सरकार पर वित्तीय संसाधन जुटाने का भारी दबाव है। सरकार अपनी आय का कोई स्रोत हाथों से गंवाना नहीं चाहती है। यही वजह है कि नई दिल्ली के दौरे पर गए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जीएसटी प्रतिपूर्ति जारी रखने के साथ टीएचडीसी इंडिया में उत्तराखंड की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया।
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उत्तराखंड सरकार ने तय सीमा के भीतर ही ऋण लिए हैं। सभी राज्य ऋण लेते हैं। लेकिन यह बात सही है कि हमें अपने वित्तीय संसाधनों को बढ़ाना होगा। पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए हम अपनी प्रस्तावित पन बिजली परियोजनाओं फोकस करेंगे। विसंगतियों को दूर करेंगे ताकि राजस्व में वृद्धि हो।
- आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव(वित्त), उत्तराखंड सरकार