पेयजल को लेकर कानूनगो को ज्ञापन सौंपते व्यापार मंडल के पदाधिकारी।
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चकराता। छावनी क्षेत्र अंतर्गत चकराता बाजार में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर व्यापार मंडल चकराता ने एक पत्र जिलाधिकारी व पेयजल मंत्री को प्रेषित किया। पत्र में कहा कि पिछले दो वर्ष से चकराता छावनी के सिविल क्षेत्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी छावनी परिषद की है, जबकि छावनी परिषद को 22 बटालियन के अधीन आने वाली एजेंसी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। अनुबंध के अनुसार रोजाना सिविल क्षेत्र में बीस हजार गेलेन पानी दिया जाना है, लेकिन लंबे समय से कैंट को अनुबंध के अनुसार पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। जिसके चलते पूरे दिन में मात्र 20 से 30 मिनट ही नल में पानी आता है, जो पर्याप्त नहीं है। लोग रोजाना अपने वाहनों या किराए के वाहनों से बाजार से 6 किलोमीटर दूर स्थित स्रोत से पानी भरकर ला रहे हैं। जिसकी उनको मोटी कीमत चुकानी पड़ रही है। कैंट उनसे जलकर के अलावा अतिरिक्त जलकर भी वसूल रहा है, लेकिन सुविधा नहीं दी जा रही है। बरसात के मौसम में जहां हर खाले में पानी बह रहा है, वहीं छावनी क्षेत्र की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने चकराता बाजार के लिए पृथक पेयजल लाइन बनाने की मांग की है। ऐसे न होने पर बाजार बंद कर आंदोलन की चेतावनी दी है। पत्र में व्यापार मंडल अध्यक्ष केशर चौहान, उपाध्यक्ष अनिल चांदना, सचिव अमित अरोरा, कोषाध्यक्ष दीपक मोहल, सह सचिव प्रदीप जोशी, तीर्थ कुकरेजा, पूर्व उपाध्यक्ष कैंट पंकज जैन, चंदन रावत, पूर्व सभासद कमल रावत, आनंद राणा, मनमोहन चौहान, हरमोहन आनंद, गोपाल तोमर, दिनेश चांदना, प्रताप चौहान, संजय जैन, राम सिह चौहान आदि के हस्ताक्षर हैं।
तहसील में नहीं मिला कोई सक्षम अधिकारी
चकराता। जब व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल ज्ञापन देने तहसील पहुंचा तो वहां कोई सक्षम अधिकारी नहीं मिला। तहसील में मात्र जनाधार कर्मी व एक संविदा पर तैनात चपरासी मिला। जिसके बाद व्यापारियों ने दूरभाष पर तहसीलदार व उपजिलाधिकारी से बात की उसके 15 मिनट बाद कानूनगो सरदार सिह राणा आये और ज्ञापन लिया। व्यापारियों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के इस रवैये पर नराजगी प्रकट करते हुए जिलाधिकारी को शिकायत करने का निर्णय लिया है।