देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वह आंखों के प्रति संवेदनशील रहें। आंखों में कोई भी परेशानी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर दवा लें और उपचार कराएं। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी तरह के ड्रॉप आंख में न डालें और न ही कोई दवा लें। यह आंख की रोशनी के लिए दिक्कत कर सकता है।
विश्व दृष्टि दिवस पर दून अस्पताल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम और जांच शिविर के मौके पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने यह बातें कहीं। नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. यूसुफ रिजवी ने कहा कि इस साल की थीम ‘लव योर आइज’ है। अपनी आंखों को ठीक रखने के लिए अपने खानपान, दिनचर्या में बदलाव, खुद का काम खुद करने की आदत डालनी होगी। उन्होंने नेत्रदान किए जाने पर विशेष रूप से जोर दिया। डॉ. रिजवी नेकहा कि आंखें दान कर दो लोगों की जिंदगी में रोशनी दी जा सकती है।
एसोसिएट प्रोफेसर एवं वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील ओझा ने सफेद और काला मोतिया के बारे में जानकारी दी। डॉ. ओझा ने कहा कि आंख में कोई भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ को दिखाएं। खुद कोई भी ड्राप आंख में न डालें। इससे आंखों को आराम की जगह नुकसान ज्यादा हो सकता है। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति को साल में एक बार और किसी बीमारी या आंखों की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को हर छह महीने पर अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए। इस दौरान कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए। शिविर में मरीजों के आंखों की जांच भी की गई। शिविर में डॉ. नीरज सारस्वत, डॉ. दुष्यंत उपाध्याय, डॉ. स्वीटी कुमारी, डॉ. हर्षिता डबराल, डॉ. श्रेयांशी शर्मा, डॉ. राहुल हल्दिया, डॉ. दीक्षांत चौहान, डॉ. अर्शदीप, डॉ. अंकुर चौधरी, डॉ. अंकुर कुमार, डॉ. अर्चित, डॉ. आरती, डॉ. अस्मिता पंत, डॉ. अरविंद चौहान आदि मौजूद रहे।