धनोल्टी देवदार, बांझ और ओक के घने जंगलो के बीच स्थित उत्तराखंड का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। पहाड़ों की रानी मसूरी से चंबा मार्ग पर महज 24 किमी की दूरी पर यह स्थित है। धनोल्टी 2286 मीटर की ऊंचाई पर प्रकृति की गोद में बसा हुआ है, जहां से हिमालय की कई चोटियों का दीदार किया जा सकता है। तो फिर सोच क्या रहे हैं, राजधानी दून से 60 किमी दूर ही तो जाना है ना...हो जाइये तैयार प्रकृति की गोद में सुकून की नींद और हिमालय की ठंडक समेटने के लिए।
क्लाइमेट
धनोल्टी का क्लाइमेट इसे एक परफेक्ट वीकेंड प्लानर की सूची में खड़ा करता है। गर्मियों में धनोलटी का अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री रहता है। इस दौरान भी यदि बारिश हो जाए तो तापमान में तेजी से गिरावट भी आ जाती है। सर्दियों में यही तापमान गिरकर माइनस 1 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला जाता है। बर्फवारी देखने के लिए सामान्यतः यहां पर्यटक दिसंबर और जनवरी के महीने खासतौर पर अधिक पहुंचने लगते हैं।
आपके ठहरने का इंतजाम
पर्यटकों से भरे रहने के कारण धनोल्टी में कुछ दिन सुकून के गुजारने के लिए होटल और लॉज की कोई कमी नहीं है। वन विभाग के बंबू हट समेत गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस आपके स्वागत के लिए यहां हर वक्त मौजूद हैं। आप ज्यादा बेहत्तर सुविधाएं चाहते हैं तो इसके लिए धनोल्टी के 8-10 किमी के दायरे में ही कई बेहतरीन होटल मौजूद हैं।
आपके लिए खास
यूं तो पूरा धनोल्टी ही अपने आप में खास है, लेकिन देवदार से घिरा इसका ईको पार्क, ढलवा पहाड़ियों पर छोटे-छोटे बिखरे हुए खेत और बादलों से झांकता हिमालय आपको बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेंगे।
वाइल्ड लाइफः धनोल्टी के आसपास घने जंगल होने से यहां भालू, तेंदुआ और हिरन की कुछ प्रजातियां अक्सर देखने को मिल जाती हैं, बशर्ते आपकी किस्मत मजेदार हो।
नेचरः हिमालय की चोटियों से लेकर धनोल्टी के तलहटी में फैली गांवो की घटियां और जंगल आपको प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास दिलाएंगे।
एडवेंचरः एडवेंचर के लिए यहां कई निजी होटल स्वामियों ने ट्री हट, साइकिलिंग और क्लाइबिंग की व्यवस्था की हुई है।
धार्मिक स्थल
धनोल्टी से चंबा मार्ग पर ही सात किलोमीटर आगे बढ़ने पर कद्दूखाल एक छोटा सा कस्बा है। यहीं से प्रसि। सिद्घपीठ सुरकंडा देवी तक जाने का मार्ग है। यहां से 4 किमी की चढ़ाई चढकर मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। बेहद खूबसूरती से प्राचीन शैली का ख्याल रखते हुए मंदिर का सौन्दर्यीकरण किया गया है। मंदिर परिसर में जितनी आत्मशांति का आपको एहसास होगा शायद ही ऐसा अनुभव हिमालय की गोद में आप कहीं और पा सकें। कद्दूखाल में ही कुछ निजी लॉज के साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम का गेस्ट हाउस भी बहुत कम दाम में आपको ठहरने की सुविधाएं मुहैया करवाने को यहां मौजूद है।
कैसे पहुंचे
धनोल्टी पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जौलीग्रांट है, जहां के लिए दिल्ली से नियमित उड़ाने हैं। इसके अलावा देहरादून तक रेलमार्ग या बस के जरिए भी यहां से आगे बस और टैक्सी से धनोल्टी पहुंचा जा सकता है।