ऋषिकेश में डेंगू का पहला केस मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन भी अलर्ट हो गया। डेंगू नियंत्रण के लिए शहर को चार जोन में बांटा गया है। नगर आयुक्त ने सभी 40 वार्डों में नियमित फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए है। नगर निगम की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही है।
कोरोना के बीच डेंगू संक्रमण स्वास्थ्य विभाग और निगम प्रशासन के चुनौती बनता नजर आ रहा है। संक्रमण को बेकाबू होने से रोकने के नगर निगम प्रशासन ने भी अब कमर कस ली है। सहायक नगर आयुक्त एलम दास ने बताया कि सोर्स लेवल पर डेंगू का खत्म करने के लिए नगर निगम ने रैपिड टास्क फोर्स का गठन किया। डेंगू नियंत्रण अभियान के लिए शहर को चार जोन में बांटा गया है। सेनेट्री इंस्पेक्टर को रैपिड टास्क फोर्स का प्रभारी बनाया गया है।
नगर आयुक्त केके मिश्रा ने डेंगू नियंत्रण प्रभारियों को सभी 40 वार्डों में नियमित रूप से फागिंग और जलभराव वाले स्थानों पर लार्वानाशक दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग विभाग की संयुक्त टीम घरों में लार्वा की जांच कर रही है। एलम दास ने बताया कि डेंगू नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। नालों और नालियों में रुके हुए पानी में मच्छर का लार्वा को पनपने से रोकने के लिए नौ सदस्यीय नाला गैंग बनाई गई।
एक दिन का समय निकाले घर को डेंगू मुक्त करें
मेयर अनीता ममगाईं ने शहरवासियों से घर की सफाई के लिए एक दिन का समय निकालने की अपील की है। मेयर ने कहा की लोग रविवार को एक घंटा घरों की सफाई के निकाले। इस दौरान वे डेंगू के लार्वा मुख्य सोर्स गमलों, छत और आंगन में पड़े खाली सामानों में एकत्र पानी को गिराए। इसके साथ कूलर का पानी भी समय-समय बदला जाना चाहिए।