परिसीमन के बाद शहर के 45 वार्डों का इतिहास-भूगोल बदल जाएगा। नगर निगम ने वार्डों के परिसीमन का कार्य पूरा कर लिया है। जिसकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार (आज) जिलाधिकारी को सौंपी जा सकती है।
परिसीमन के अधिकतर वार्डों की सूरत बदल जाएगी। साथ ही उनके नाम भी परिवर्तित हो जाएंगे। वार्डों के परिसीमन का काम आबादी के आधार पर किया गया है। नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद शासन द्वारा बीते दिनों अधिसूचना जारी की गई थी। जिसे लेकर नगर निगम ने वार्डों के परिसीमन का कार्य शुरू कर दिया था। बुधवार रात को परिसीमन का कार्य पूरा कर लिया गया। नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद 100 वार्डों का परिसीमन करने में अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सूत्रों के मुताबिक परिसीमन के बाद शहर के 80 प्रतिशत वार्डों का इतिहास-भूगोल बदल जाएगा। वार्डों का परिसीमन करीब आठ हजार की आबादी के हिसाब से किया गया है। ऐसे में शहर के करीब 45 वार्ड, जिनकी आबादी नौ हजार से अधिक है, उनकी स्थिति में परिवर्तन आ गया है। इतना ही नहीं ऐसे वार्ड भी प्रभावित हुए हैं, जिनकी आबादी नौ हजार से कम है। सूत्रों के मुताबिक शहर वार्डों की संख्या 70 के पार होगी। वहीं, नगर निगम क्षेत्र में शामिल 72 गांवों से करीब 30 के आसपास वार्ड बनाए गए हैं।
यह वार्ड हो जाएंगे छोटे
माजरा, टर्नर रोड, कारगी, राजपुर, जाखन, सहस्त्रधारा रोड, हाथी बड़कला, विजय कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, रेसकोर्स उत्तर, तिलक रोड, खुड़बुड़ा, डालनवाला पूरब, भगत सिंह कॉलोनी, राजीव नगर, डिफेंस कॉलोनी, नेहरू कॉलोनी, दीपनगर, अजबपुर, पटेलनगर पूरब, पटेल नगर पश्चिम, गांधी ग्राम, यमुना कॉलोनी, श्रीदेवसुमन नगर, बल्लूपुर, कौलागढ़, ब्रह्मपुरी, इंद्रापुरम, द्रोणपुरी, कांवली, बसंत विहार, मोहित नगर समेत कुछ अन्य वार्डों में आबादी आठ हजार से ज्यादा है, ऐसे में इन वार्डों से कुछ हिस्सा हटा दिए गए हैं।
ये वार्ड होंगे बड़े
आर्यनगर, बकरालवाला, घंटाघर, एमकेपी, कालिका मंदिर मार्ग, धामावाला आदि वार्डों की आबादी नौ हजार से कम होने के चलते परिसीमन के बाद ये वार्ड बड़े होने की संभावना है। ऐसे में इन वार्डों के सियासी समीकरण बदलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
पार्षदों को करनी पड़ेगी मशक्कत
वार्डों के नए सिरे से हुए परिसीमन के हिसाब से पार्षदों को क्षेत्र में अब काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है। ऐसे में उन पार्षदों को अधिक दिक्कत पेश आएगी, जिनका ज्यादातर हिस्सा दूसरे वार्ड में चला गया है। उन्हें नगर निगम चुनाव को लेकर नए सिरे से तैयारियां करनी पड़ेगी। इतना ही नहीं वार्डों की स्थिति बदलने से उनके समीकरण भी गड़बड़ा सकते हैं। वहीं, परिसीमन पर निगाह बनाए रखने वाले उम्मीदवारों को राहत मिलेगी। वार्डों की स्थिति स्पष्ट न होने के चलते वह अभी चुनावी मैदान पर पांव नहीं रख रहे थे। लेकिन, अब वह नई रणनीति बनाकर चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे।
पांच दिन में पूरा हुआ वार्डों का परिसीमन
नगर निगम ने पांच दिनों के भीतर वार्डों के परिसीमन का कार्य पूरा किया। निगम के अधिकारियों के मुताबिक यह कार्य दो दिन के भीतर ही पूरा हो जाता, लेकिन बीच में पढ़ी छुट्टी के चलते इसमें थोड़ा समय लग गया।
रिपोर्ट देने के बाद सुनी जाएंगी आपत्तियां
नगर निगम द्वारा जिलाधिकारी को परिसीमन की रिपोर्ट देने के बाद अंतरिम अधिसूचना जारी की जाएगी। जिसके बाद आपत्तियां सुनी जाएंगी। तब जाकर वार्डों का फाइनल परिसीमन तय होगा।
बंद कमरे में हुआ परिसीमन कार्य
नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने परिसीमन का कार्य बंद कमरे में पूरा कराया। यह निर्णय उन्होंने पारदर्शिता रखने के चलते लिया। उन्होंने बताया कि पार्षद अपने मनमाफिक परिसीमन को लेकर दबाव बनाते हैं। ऐसा न हो, इसे देखते हुए कमरे में गोपनीय तरीके से वार्डों का परिसीमन कार्य कराया गया।
वार्डों के परिसीमन का कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देंगे।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त