उत्तराखंड के उपभोक्ताओं पर पानी और सीवर के बिलों की वसूली के लिए प्रदेश सरकार ने छूट का बंपर ऑफर तैयार किया है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिलों की अदायगी पर पेनल्टी में छूट दी जाएगी। एक जनवरी 2018 से 30 जनवरी 2018 तक एकमुश्त बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को पेनल्टी से शत-प्रतिशत छूट होगी।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का पानी और सीवर शुल्क का यह बकाया भुगतान सरकारी और निजी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से वसूला जाना है। बुधवार को हुई बैठक में पेश प्रस्ताव के मुताबिक, जल संस्थान के विभिनन खंडों में पानी और सीवरेज शुल्क के रूप में बकाया बिलों की कुल धनराशि 131.12 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस धनराशि पर नियमानुसार 73.89 करोड़ रुपये का विलंब शुल्क (पेनल्टी) हो चुका है। विलंब शुल्क की वसूली में ही विभाग के पसीने छूट रहे हैं। बिलों का भुगतान समय पर न होने से जल संस्थान को अपनी योजनाओं के उचित रख-रखाव के लिए धनराशि की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
दो महीने महीने चलेगा वसूली अभियान
कैबिनेट के फैसले के अनुसार पानी और सीवरेज बिलों पर विलंब शुल्क की वसूली के लिए एक जनवरी 2018 से विशेष अभियान चलेगा। इस अभियान के तहत उपभोक्ताओं के लिए तिथिवार छूट होगी।
एकमुश्त भुगतान की अवधि- पेनल्टी में छूट
एक जनवरी 2018 से 30 जनवरी 2018-100 प्रतिशत
16 जनवरी 2018 से 31 जनवरी 2018- 75 प्रतिशत
एक फरवरी 2018 से 15 फरवरी 2018 तक-60 प्रतिशत
16 फरवरी 2018 से 28 फरवरी 2018- 50 प्रतिशत
कैबिनेट के अन्य फैसले:
-औद्योगिक इकाइयों को डीजल और प्राकृतिक गैस पर वैट घटाया
-उद्योगों को डीजल पर 17.48 फीसद के स्थान पर पांच फीसद वैट
-उद्योगों को प्राकृतिक गैस पर 20 फीसद के स्थान पर पांच फीसद वैट
-काशीपुर समेत चार निकायों के सीमा विस्तार को मंजूरी
-राज्य में बंद पड़े बार को खोलने का रास्ता साफ, यूपी आबकारी अधिनियम 1910 की धाराओं में संशोधन को मंजूरी
-गौलापार की जमीन पर नहीं बनेगा आईएसबीटी, दूसरी जगह होगा भूमि चयन
-अल्पसंख्यक कल्याण कार्मिकों को मिलेगा पुनरीक्षित वेतनमान