कहा कि चार अक्तूबर को न्यायालय में सुनवाई भी है। इस दौरान दोनों पक्ष कई बार एक दूसरे से भिड़े। कोतवाली प्रभारी ने दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों से मंदिर परिसर में बने एक कमरे में वार्ता की। दोपहर करीब ढाई बजे मामला शांत हुआ। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले में एसडीएम को 145 की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है।
मौजूदा प्रबंधन समिति अवैध है। मंदिर के महंत ने प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट के पदाधिकारियों को मंदिर में पूजन की व्यवस्था का कार्य सौंपा था। समिति से जुड़े नरेश चौहान दैनिक पूजा कार्य कर रहे थे। अवैध समिति से जुड़े लोगों ने उनके साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की। अफवाह फैलाई कि मंदिर में नए महंत की चादरपोशी की जा रही है। एसडीएम जांच रिपोर्ट में स्पष्ट करें कि प्रबंधन समिति वैध या अवैध है।
- गिरीश डालाकोटी, संस्थापक एवं अध्यक्ष, प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट
प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट की मंशा मंदिर और उसकी संपत्ति को कब्जाने की है। बिना किसी अधिकार के ट्रस्ट मंदिर के पूजन और व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न कर रही है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों से अभद्रता की। सूचना पर समिति के पदाधिकारी और आसपास के ग्रामीण मंदिर में पहुंचे। मेरे द्वारा किसी तरह ग्रामीणों को शांत करवाया गया। मामला न्यायालय में है तो सभी को निर्णय का इंतजार करना चाहिए। ट्रस्ट के पदाधिकारी माहौल बिगाड़ने के साथ मंदिर परिसर की गरिमा को भंग कर रहे हैं।
- रविंद्र चौहान, अध्यक्ष, मंदिर श्री गंगभेवा जी गौतमाश्रम गंगभेवा बावड़ी