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Dehradun Registry Fraud: हिस्ट्रीशीटर ओमवीर ने बनवाए थे एनआरआई की जमीन के दस्तावेज, तीन गिरफ्तार

Sun, 08 Oct 2023 08:37 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

छले दिनों एसआईटी ने फोरेंसिक एक्सपर्ट अजय मोहन पालीवाल को गिरफ्तार किया तो रक्षा सिन्हा की जमीन के दस्तावेज बनाने की बात सामने आई। पता चला कि भू-माफिया केपी सिंह ने ओमवीर तोमर से संपर्क किया था।
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गिरफ्तारी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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पुलिस ने रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में हिस्ट्रीशीटर ओमवीर तोमर को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। तोमर ने केपी सिंह और पालीवाल से राजपुर रोड पर एनआरआई महिला की बेशकीमती जमीन के कागजात तैयार कराए थे। इसके बाद एक सोलर कंपनी को करीब तीन करोड़ रुपये में इस जमीन का सौदा कर दिया। तीनों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।

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एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों एसआईटी ने फोरेंसिक एक्सपर्ट अजय मोहन पालीवाल को गिरफ्तार किया तो रक्षा सिन्हा की जमीन के दस्तावेज बनाने की बात सामने आई। पता चला कि भू-माफिया केपी सिंह ने ओमवीर तोमर से संपर्क किया था। रक्षा सिन्हा काफी समय से देहरादून में नहीं आई थीं। लेकिन, उनके पिता पीसी निश्चल पहले देहरादून में रहते थे, जिनकी कुछ समय पहले मौत हो गई थी। इसलिए इन लोगों ने योजना बनाई कि फर्जीवाड़े से इस जमीन के दस्तावेज किसी बाहरी व्यक्ति के नाम बना दिए जाएं।

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ओमवीर ने इसके लिए मुजफ्फरनगर निवासी सतीश से संपर्क किया। सतीश ने उसे संजय कुमार शर्मा से मिलवाया। संजय ने जमीन के फर्जी दस्तावेज अपने पिता रामरतन शर्मा नाम बनवाने को कहा। केपी सिंह और अजय मोहन पालीवाल ने वर्ष 1979 का एक फर्जी बैनामा बनाकर इसे रामरतन शर्मा के नाम बैनामा दर्शा दिया। इस बैनामे को रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात बाइंडर सोनू के माध्यम से रजिस्टर में चढ़वा दिया गया। ओमवीर ने देहरादून के रहने वाले मनोज तालियान के माध्यम से ग्रीन अर्थ सोलर पॉवर लिमिटेड को इस जमीन का सौदा 3.10 करोड़ रुपये में कर दिया।

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अनुबंध के समय ही 1.90 करोड़ रुपये तोमर, संजय और सतीश ने ले लिए। बाकी रकम रजिस्ट्री के वक्त ली जानी थी। लेकिन, कंपनी को इस जमीन पर विवाद के बारे में पता चल गया। इसी बीच रजिस्ट्री फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पुलिस ने संजय कुमार शर्मा व सतीश कुमार शर्मा निवासी मुजफ्फरनगर और ओमवीर तोमर निवासी डिफेंस कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

2015 में मोहम्मद शफी की हत्या की थी ओमवीर ने
ओमवीर तोमर विवादित जमीनों पर ही नजर रखता था। इसके बाद किसी न किसी तरह से इन जमीनों पर कब्जा करता था। वर्ष 2015 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र में एक जमीन के केयर टेकर मोहम्मद शफी का अपहरण किया था। पुलिस ने जब ओमवीर तोमर को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसने शफी का तार से गला घोंटकर विकासनगर नहर में फेंक दिया है।
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