एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिला अबुधाबी दुबई में मोटर पार्ट कंपनी में काम करती थी। महिला की मुलाकात नाईजीरियन आरोपी से 2013 में हुई थी। दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे। बाद में मुंबई जाकर रहने लगे। इन्होंने अलग-अलग व्यक्तियों व खुद के नाम से मोबाइल सिम खरीदे व मुंबई स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में खाते खुलवाए।
हर्बल आयल बेचने के नाम पर धोखाधड़ी से मिले धन से में सबका कमीशन पहले से ही तय था। आरोपी रमेश की मोबाइल की दुकान है। लालच में आकर फर्जी आईडी पर कई सिम कार्डों को प्रिएक्टिवेट कर अपने सह अभियुक्तों को देता था। आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, अलग अलग कंपनियों के 18 एक्टिव सिम कार्ड, जो फर्जी आईडी पर लिए हुए थे। 58 सिम कार्ड अलग-अलग कंपनियों के। 8 आधार कार्ड, पासपोर्ट सहित अन्य सामान बरामद हुआ।