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देहरादून: 17 लाख रुपये की ठगी में नाइजीनियन समेत तीन दबोचे, मेट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए दिया था धोखा 

Thu, 23 Sep 2021 09:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को खुलासा करते हुए बताया कि सुनील डोरा निवासी प्रकाश नगर, चकराता रोड की तहरीर पर अप्रैल में इस मामले में केस दर्ज किया गया था।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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देहरादून में मेट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए व्यक्ति को ठगने के आरोप में एसटीएफ ने नाइजीरिया मूल के व्यक्ति समेत तीन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। आरोप है कि इन्होंने शादी का झांसा देकर व्यक्ति से 17 लाख रुपये से ज्यादा ठगे थे। 

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एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को खुलासा करते हुए बताया कि सुनील डोरा निवासी प्रकाश नगर, चकराता रोड की तहरीर पर अप्रैल में इस मामले में केस दर्ज किया गया था। भारत मैट्रीमोनियल साइट के जरिए वह एक महिला के नाम से बने प्रोफाइल के संपर्क में आए। दोनों के बीच शादी की बात हुई। इसके बाद पीड़ित को केसर युक्त ऑयल, जो जानवर की ताकत की दवाई में प्रयोग होता है उसके व्यापार के बारे में बताया। पीड़ित को तेल सप्लाई के लिए अलग-अलग लोगों से संपर्क कराने का झांसा देकर 17 लाख रुपये से ज्यादा रकम अपने बैंक खातों में जमा करवा ली। 

इसके बाद उन्होंने और रकम मांगी तो सुनील को ठगी का अहसास हुआ। एसटीएफ ने पुणे में दबिश देकर वहां से स्वर्णलता बी मिंज हाल निवासी किंगस्टन स्रीन, हिंदवाड़ी, नवाओकोरो चिके स्टेनली हाल निवासी पुणे (मूल नाइजीरिया) और रमेश निवासी जोधपुर राजस्थान, हाल निवासी पुणे को गिरफ्तार किया गया। जिसका स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर देहरादून लाया गया। आरोप है कि इन्होंने भारत के कई हिस्सों में ठगी को अंजाम दिया है। 

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अबुधाबी में रहती थी महिला, लॉकडाउन में आई थी भारत 

एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिला अबुधाबी दुबई में मोटर पार्ट कंपनी में काम करती थी। महिला की मुलाकात नाईजीरियन आरोपी से 2013 में हुई थी। दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे। बाद में मुंबई जाकर रहने लगे। इन्होंने अलग-अलग व्यक्तियों व खुद के नाम से मोबाइल सिम खरीदे व मुंबई स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में खाते खुलवाए।

हर्बल आयल बेचने के नाम पर धोखाधड़ी से मिले धन से में सबका कमीशन पहले से ही तय था। आरोपी रमेश की मोबाइल की दुकान है। लालच में आकर फर्जी आईडी पर कई सिम कार्डों को प्रिएक्टिवेट कर अपने सह अभियुक्तों को देता था। आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, अलग अलग कंपनियों के 18 एक्टिव सिम कार्ड, जो फर्जी आईडी पर लिए हुए थे। 58 सिम कार्ड अलग-अलग कंपनियों के। 8 आधार कार्ड, पासपोर्ट सहित अन्य सामान बरामद हुआ।
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