डरे नहीं, घातक नहीं है यह बीमारी
स्टेट सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू के नाम से 2009 में एक नया वायरस आया था। इसके बाद जब यह सब जगह फैला तो इंसान में आकर यह ह्यूमन वायरस बन गया। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह साफ किया कि यह स्वाइन फ्लू वायरस नहीं ह्यूमन वायरस है। स्वाइन फ्लू वायरस अब सीजनल इन्फ्लुएंजा यानी मौसमी जुकाम बुखार है। अधिकतर मरीजों में यह मामूली जुकाम-बुखार की तरह ही होता है। लक्षण बढ़ने पर डॉक्टरी परामर्श के बाद ही दवा लेनी चाहिए।
लगभग एक जैसे हैं कोविड और स्वाइन फ्लू
बता दें कि कोविड और स्वाइन फ्लू के लक्षण लगभग एक जैसे हैं। कोविड के मरीजों की तरह स्वाइन फ्लू के मरीजों को भी आइसोलेट करना जरूरी होता है। यह संक्रमण भी एक से दूसरे में लग सकता है।
तीन मरीजों में इन्फ्लुएंजा ए की पुष्टि हुई है लेकिन सिर्फ एक मरीज में एच1एन1 पॉजिटिव होने की रिपोर्ट मिली है। यह मरीज 60 वर्षीय बुजुर्ग हैं।
- डॉ. पंकज सिंह, स्टेट सर्विलांस अधिकारी