मरीज और तीमारदार ऑनलाइन इलाज का पर्चा बनवा सकेंगे। साथ ही इलाज करने वाले डॉक्टर का भी अपना अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। योजना धरातल पर उतरती है तो इससे हजारों मरीजों को सुविधा होगी। उन्हें अस्पताल में पर्चा बनवाने को लेकर लाइनों में भी नहीं खड़ा होना पड़ेगा।
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि वे अपने यहां हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के साथ ही यह सुनिश्चित कराएं की अस्पतालों में डाटा बैंक तैयार किया जाए। जिसमें मरीजों के नाम पते के साथ ही उन्हें होने वाली बीमारियों और इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों, पैथोलॉजी जांच के बारे में भी जानकारी फीड की जाए, ताकि यदि मरीज किसी बीमारी से ग्रसित होकर दोबारा इलाज कराने आता है तो उसके बारे में सारी जानकारियां पहले से ही अस्पताल के डाटा बैंक में मौजूद हो। यदि ऐसा हो जाता है तो मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टरों को तमाम सहूलियतें होगी। साथ ही केंद्र सरकार यह पता लगा सकेगी कि देश में किन बीमारियों का प्रकोप ज्यादा है और उसे रोकने को लेकर क्या किए जाने की जरूरत है।