राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगभग दो साल बाद आखिरकार एमआरआई मशीन इंस्टॉल कर दी गई है। ट्रायल के बाद अगले हफ्ते से एमआरआई जांच शुरू कर दी जाएगी।
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में पुरानी मशीन की अवधि समाप्त होने के बाद पिछले दो साल से एमआरआई जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। कई बार के टेंडर और प्रस्ताव अधर में लटकने के बाद पिछले लगभग दो महीने पहले अमेरिका के बोस्टन शहर से एमआरआई मशीन मंगाई गई।
गत आठ जनवरी को चुनाव आचार संहिता से ऐन पहले स्वास्थ्य मंत्री, राजपुर विधायक खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा ने आधी अधूरी तैयारियों के साथ अस्पताल में लगी मशीन का लोकार्पण भी कर दिया था। इसके बावजूद अब तक मशीन से जांच का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। अमर उजाला शुरूआत से ही इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि एमआरआई मशीन में नाइट्रोजन और हीलियम गैस भरने का कार्य पूरा कर दिया गया है। अब एमआरआई मशीन पूरी तरह से इंस्टॉल भी कर दी गई है। मशीन में कैलिब्रेशन यानि ब्रेन, स्पाइन और शरीर के अन्य अंगों से संबंधित जांच के लिए फ्रीक्वेंसी एडजस्ट करने का कार्य चल रहा है।
दो से तीन तीन ट्रॉयल किए जाएंगे। तकनीकी चीजें सही पाए जाने पर मरीजों पर ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल के बाद सही परिणाम आने पर नियमित रूप से एमआरआई जांच शुरू कर दी जाएगी। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर पर महंगे शुल्क पर जांच कराने की बजाय दून अस्पताल में 3500 रुपये के कम शुल्क पर यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।