अब स्मार्ट सिटी तैयार कर रही डीपीआर
आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के बाद अब स्मार्ट सिटी को टेंडर और डीपीआर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी फिर टेंडर आमंत्रित किए जाऐंगे ताकि शीशमबाड़ा में जो कूड़े का पहाड़ तैयार हो गया है, उसका जल्द से जल्द निस्तारण हो सके।
संचालक कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया, निगरानी वाली को नहीं
कूड़े का पहाड़ बढ़ने पर निगम ने संचालन कर रही रैमकी कंपनी को तो बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन जो कंपनी निगरानी कर रही थी, वह अब भी वहीं की वहीं है। निगरानी कर रही कंपनी जेवीवी टेक्नोक्रेट का अनुबंध बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
रिपोर्ट पर भी उठ रहे हैं सवाल
निगम सूत्रों की माने तो आईआईटी रुड़की की ओर से पहले भी रिपोर्ट तैयार की थी। लेकिन, इस रिपोर्ट को जमा करने के बजाय दोबारा से रिपोर्ट तैयार की गई। जिसमें पुराने कूड़े के पहाड़ को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया। सूत्रों की मानें तो यह सब नई कंंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कहा गया ताकि इसका पूरा ठीकरा पुरानी कंपनी पर डाला जा सके।
आईआईटी रुड़की की ओर आंकलन कर जो रिपोर्ट दी है, उसके आधार पर भी निस्तारण की आगे की कार्रवाई की जाएगी। निस्तारण के लिए स्मार्ट सिटी को डीपीआर बनाने का काम सौंपा गया है। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद टेंडर आमंत्रित किए जाऐंगे। दो रिपोर्ट जारी होने की जानकारी नहीं है।
- गौरव कुमार, नगर आयुक्त