वर्ष 2022 में ही वह ऋषिकेश, हरिद्वार और केदारनाथ घूमने आया था। इस दौरान उसकी मुलाकात रुद्रपुर निवासी मयंक गौतम से हुई। मयंक नीट परीक्षा पास करना चाहता था लेकिन वह पढ़ने में कमजोर था। बार-बार असफल हो रहा था। इसके बाद से वह लगातार मयंक गौतम से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में था। एक दिन गौतम ने देव प्रकाश से उसके स्थान पर नीट की परीक्षा देने की बात कही। इसके लिए उसने दो लाख रुपये का ऑफर दिया। देव प्रकाश ने पुलिस को बताया कि उसकी दोस्ती एक युवती से है। उस पर वह लाखों रुपये खर्च कर रहा है। खर्च बढ़ने के कारण उसने मयंक का यह ऑफर स्वीकार कर लिया और उसके स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गया।
ऐसे बनाई योजना
आरोपी देव प्रकाश ने अपनी पासपोर्ट साइज फोटो फेसबुक के माध्यम से मयंक गौतम को भेजी। इसे मयंक गौतम ने अपने परीक्षा फार्म पर लगा लिया। इसके बाद देव प्रकाश को परीक्षा केंद्र के बारे में बताया। रविवार को आरोपी उसे भेजे गए प्रवेश पत्र को लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंच गया लेकिन फिंगर प्रिंट्स और आधार कार्ड पर लगी फोटो से मिलान न होने पर वहीं पर पकड़ा गया।