ऐसे लगवाते हैं सट्टा
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि विन आई-20 एप चलाने वाले लोगों के मोबाइल में सिस्टम से एक पॉपअप भेजा जाता है। जैसे ही ग्राहक पॉपअप पर क्लिक करता है उसे एक नंबर उपलब्ध होता है। इसके बाद ग्राहक उस नंबर को व्हाट्सएप से लिंक करके आरोपियों से संपर्क करते हैं। इस तरह लोगों का व्हाट्सएप डाटा बेस तैयार हो जाता है। ग्राहकों को दो गैंबलिंग वेबसाइट भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें से उन्हें एक को चुनना होता है। इसके माध्यम से ग्राहक को व्हाट्सएप के जरिए डिपोजिट स्लिप उपलब्ध कराई जाती है। इसमें बैंक डिटेल दी जाती है। इसके माध्यम से पैसों का लेनदेन होता है। पेमेंट वेबसाइट से आरोपी ग्राहक की आईडी जनरेट करते हैं और पासवर्ड उपलब्ध कराते हैं। गैंबलिंग वेबसाइट पर ग्राहक सट्टा लगाना शुरू करता है। जीतने के बाद उन्हें भुगतान कर दिया जाता है।