बताया जा रहा है कि उम्रदराज हो चुके नत्थूराम को उसकी हालत को देखते हुए जमानत भी दे दी गई है। नत्थूराम की गिरफ्तारी की पुष्टि मुकदमे के विवेचना अधिकारी एसपी चमोली आईपीएस सर्वेश पंवार ने की है। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद में नत्थूराम कोल्हू पर काम कर रहा था।
नहीं पता कैसे कराया मुकदमा
बताया जा रहा है कि नत्थूराम को तो यह तक नहीं पता कि उसने कब मुकदमा कराया है। सूत्रों के मुताबिक इसे आरोपियों ने ही प्लान किया था। इसके बाद उसका अंगूठा तहरीर पर लगवा दिया गया, लेकिन यह असली नत्थूराम नहीं था तो पुलिस को उसके खिलाफ प्रतिरूपण की धाराओं में मुकदमा दर्ज करना पड़ा। लिहाजा, नियमानुसार उसकी गिरफ्तारी भी करनी पड़ी।
बदल दिया गया था नत्थूराम के पिता का नाम
आरोपियों ने बड़ी ही सफाई के साथ इस पूरे कारनामे को अंजाम दिया था। असली नत्थूराम के पिता का नाम महकूमल था। जबकि, इस नत्थूराम के पिता का नाम मंगलू था। असली नत्थूराम मेरठ निवासी था और देहरादून में रहता था। आरोपियों ने मेरठ में ही असली नत्थूराम की जगह इस नत्थूराम को खड़ा किया। जमीनी दस्तावेज में पटवारी से महकूमल की जगह मटकूमल कर दिया गया। ऐसे में इस तरह भी नकली नत्थूराम के बारे में पता चला।