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संवासिनियों को मौत की 'नींद' सुला रहा नारी निकेतन

Sun, 19 Jan 2014 12:05 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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16 घंटे के अंदर देहरादून के नारी निकेतन की दूसरी संवासिनी की दून अस्पताल में मौत हो गई।
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पांचवीं संवासिनी की मौत
मानसिक रोगी इस संवासिनी को पांच दिन पूर्व निमोनिया होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 34 दिन में यह पांचवीं संवासिनी की मौत है। संवासिनी मरीना का इलाज सेलाकुई मेंटल हॉस्पिटल में चल रहा था।

पांच दिन पूर्व उसे दून अस्पताल लाया गया था। सीएमएस डॉ. डीएस रावत ने बताया कि गंभीर हालत में उसे आईसीयू में रखा गया था। निमोनिया के अलावा उसका मस्तिष्क भी सिकुड़ गया था।
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शनिवार सुबह 10.30 बजे उसकी मौत हो गई। इससे पहले शुक्रवार शाम 6.30 बजे अस्पताल में भर्ती रेनू की भी मौत हो गई थी। निकेतन की चार संवासिनियां दून अस्पताल के वार्ड नंबर 17 में भरती हैं।

ये मिरगी की बीमारी के साथ एनीमिया और कुपोषण की गिरफ्त में हैं। समाज कल्याण विभाग के निदेशक विनोद कुमार सुमन ने बताया कि दून अस्पताल से बीमारी की हालत में ही इन्हें निकेतन भेज दिया गया था।

अब फिर भर्ती कराया गया है। वहीं, संवासिनियां की मौत की खबर से नारी निकेतन में खौफ का माहौल बना हुआ है।

लावारिस मरीज के रूप में हुई थी भर्ती
मरीना को सीजोफ्रेनिया की बीमारी थी। इसके इलाज के लिए उसे मेंटल हास्पिटल भेजा गया था। इलाज के दौरान ही फेफड़ों में संक्रमण हो जाने के बाद मेंटल हास्पिटल ने उसे लावारिस रोगी के तौर पर दून अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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इसकी सूचना निकेतन को नहीं दी गई। एक केयरटेकर ने बताया कि दून अस्पताल के स्टाफ ने मरीना को पहचानकर जानकारी दी। मरीना को कई साल पहले कोटद्वार से यहां भेजा गया था। वह कहां से आई थी निकेतन के स्टाफ को पता नहीं है।
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