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10 हजार उपनल कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले...

Sun, 19 Jan 2014 11:22 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के सरकारी महकमों में आउटसोर्सिंग पर रखे कर्मचारियों को अब स्थायी कर्मचारियों की भांति डीए देने की तैयारी हो रही है।
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मंत्रिमंडल में सहमति नहीं
महंगाई भत्ता (डीए) मिलने से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन 80 फीसदी तक बढ़ जाएगा। वहीं इससे लगभग 10 हजार उपनल कर्मचारी लाभांवित होंगे। हालांकि ऐसे कर्मचारियों को नियमित करने पर मंत्रिमंडल में सहमति नहीं बन पाई है।

इसके लिए सरकार ने अब तीन मंत्रियों की समिति बनाई है। सरकार चुनाव से पहले एक बड़े कर्मचारी वर्ग को लाभ देने की कसरत कर रही है। उपनल कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष आया, लेकिन राजनीतिक कारणों से मुहर नहीं लगी।
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महंगाई भत्ता देने पर विचार
यही नहीं आउटसोर्सिंग कर्मियों को नियमित करने में कानूनी पेंच भी फंसा है, जिसके चलते सरकार उन्हें महंगाई भत्ता देने पर विचार कर रही है।

महंगाई भत्ता देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, अब उस पर वित्त और न्याय का परामर्श लिया जा रहा है। वहीं तीन मंत्रियों की कमेटी उनके नियमित करने के पहलुओं पर अगली कैबिनेट बैठक में रिपोर्ट दे सकती है। ऐसे में अगर नियमित करने का मामला लटका तो डीए लागू करने का प्रावधान देकर सरकार राहत दे सकती है।

उपनल कर्मियों को नियमित करने में पेंच
विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग पर रखे गए उपनल कर्मचारियों को नियमित करने में कानूनी पेंच भी फंसा है। विशेषज्ञों की मानें तो विभाग अपनी जरूरत के अनुरूप उपनल से कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर लेते हैं।

उपनल से तैनात होने वाले कर्मियों की चयन प्रक्रिया और जिस रिक्त पद के सापेक्ष उन्हें रखा जाता है, उसकी प्रक्रिया में अंतर है। उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार के वाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए चयन प्रक्रिया भिन्न नहीं हो सकती।

नियमित करना संभव नहीं
यही नहीं आउटसोर्सिंग पर विभागों में रखे कर्मचारियों की पद संख्या वहां रिक्त पदों के सापेक्ष नहीं होती है। जिन विभागों में स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं, वहां परेशानी हो जाएगी।
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जिन विभागों ने अपनी जरूरत के अनुरूप कर्मचारी को अतिरिक्त रूप में रखे हैं, उनको बिना सेवा नियमावली संशोधन के नियमित करना संभव नहीं। आउटर्सोसिंग में आरक्षण नियमावली का अनुसरण भी नहीं हुआ है।
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