महिलाओं से छेड़खानी के मामलों पर राहुल गांधी द्वारा दिए गए हालिया बयान पर अब उनकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
राहुल के बयान के संबंध में देहरादून के एक अधिवक्ता ने आपत्ति जताई है। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्होंने एसएसपी को शिकायत दी थी, लेकिन उन्होंने इसे दर्ज करने से इनकार कर दिया।
अब अधिवक्ता कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
संविधान की मूल भावना के खिलाफ है बयान
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला कांग्रेस के संकल्प सम्मेलन में छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई थी।
राहुल ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘जो लोग मंदिरों में जाते हैं, मत्था टेकते हैं। आपको मां-बहन कहते हैं, वही बसों में आपसे छेड़छाड़ करते हैं।’
दून के अधिवक्ता राजकुमार का कहना है कि राहुल का यह बयान संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
बताया कि एसएसपी ने उनकी शिकायत नहीं ली। अगर एसएसपी ने शिकायत दर्ज नहीं की तो वह राहुल के खिलाफ दून की कोर्ट में मामला दर्ज कराएंगे।
अपने पिता की जयंती पर राहुल ने दिया था बयान
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के महिला सम्मेलन में पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यह अजीबोगरीब बयान दिया था।
राहुल ने कहा कि जो लोग आपको मां-बहन कहते हैं, मंदिर जाते हैं, देवी को पूजते हैं वही बस में महिलाओं को छेड़ते हैं।
राहुल गांधी ने कहा, 'हमें महिलाओं को और सशक्त करने की जरूरत है। उन्हें ताकत देने और उनका दर्द बांटने की जरूरत है।'