इस मामले में पुलिस ने महिला समेत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पहले भी कई संगीन अपराधों में शामिल रह चुके हैं। आरोपी महिला बाला 2013 में थाना सहसपुर से मानव तस्करी के आरोप में जेल जा चुकी है। इसके खिलाफ सहसपुर में गैंगस्टर एक्ट का भी मुकदमा दर्ज है। जबकि आरोपी दिग्विजय अमरोहा में लूट, हत्या के प्रयास के मुकदमे दर्ज है। पुलिस दोनों नाबालिग व युवती के परिजनों से संपर्क कर रही है।
बाल आयोग की अध्यक्ष ने पीड़िताओं से मुलाकात की
देहरादून। उत्तराखंड बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने राजकीय बालिका निकेतन पहुंचकर दोनों नाबालिग और युवती से मुलाकात की। उन्होंने उनके परिवारों और उनके गृह स्थान के बारे में जानकारी ली। बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि बातचीत में पता चला कि सिलीगुड़ी की युवती सौतेले पिता के अत्याचारों से परेशान होकर घर से भागकर आई थी। मध्य प्रदेश की दोनों नाबालिग सगी बहनें हैं। माता-पिता की मृत्यु के बाद चाचा-चाची के साथ गांव में रहती थीं। दुर्व्यवहार होने के कारण वह घर से दिल्ली आ गईं। दिल्ली में तीनों की मुलाकात हुई। तीनों को मानव तस्करी से जुड़े आरोपी नौकरी का लालच देकर देहरादून लेकर आ गए।