रुड़की में हाल ही में रेलवे के पूर्वी केबिन में लोहे का दरवाजा फाड़कर रिले चोरी करने के मामले में आरपीएफ ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिले चोरी होने के चलते सिग्नल में खराबी आने के कारण इस दौरान कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित हुई थीं।
पांच अक्तूबर को गंगनहर पुल के निकट रेल लाइन पर बने पूर्वी केबिन में चोरों ने सिग्नल विभाग के कमरे के लोहे का दरवाजा तोड़कर 12 रिले चोरी कर लिए थे। चोरों ने लोहे के दरवाजे के नीचे लगे इंटरलॉक को तोड़ने के बाद दरवाजे को फाड़कर घटना को अंजाम दिया था। एक रिले की कीमत करीब आठ हजार बताई जा रही है। यह रिले सिग्नल में लाइटों को जलाए रखने के लिए काम में आती है। इस दौरान कई रेलगाड़ियां प्रभावित हुई थीं। घटना को लेकर रेलवे सुरक्षा बल चौकी रुड़की में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
10 अक्तूबर को प्रभारी निरीक्षक सोनी शर्मा की ओर से गठित टीम में शामिल उपनिरीक्षक राम भरोसे, सहायक उपनिरीक्षक जगत सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल रविंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल महावीर सिंह, कांस्टेबल ललित कुमार, कांस्टेबल संजय कुमार व कांस्टेबल विजय कुमार ने मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला तेलीवाल के निवासी चार आरोपियों लुकमान, सुल्तान, वसीम, मोहम्मद सहबाब को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी किए गए माल को गंगनहर के पास बने खोखे में कबाड़ी नूर आलम निवासी बिजौली को बेचा था।
इसके बाद पुलिस ने कबाड़ी नूर आलम को चोरी के माल के साथ गिरफ्तार किया। इस दौरान एक मोटरसाइकिल दरवाजा तोड़ने में इस्तेमाल किया गया औजार भी जब्त किया गया। प्रभारी निरीक्षक सोनी शर्मा ने बताया सभी आरोपियों का चालान कर कोर्ट में पेश किया गया है।