वहीं सामान्य सप्लाई के टेंडर पर 500 रुपये केबजाए एक हजार रुपये फीस लगेगी। कांट्रेक्टर के पंजीकरण की फीस भी पांच हजार से बढ़ाकर दस हजार रुपये कर दी गई है। रिन्युअल फीस में पांच गुनी बढ़ोतरी की गई है। ड्राफ्टमैन का पंजीकरण और रिन्युअल शुल्क भी पांच हजार प्रति वर्ष से बढ़ाकर साढ़े सात हजार रुपये कर दिया गया है।
बोर्ड बैठक में कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगी। बैठक में बोर्ड की सीईओ तनु जैन, उपाध्यक्ष राजेंद्र कौर सौंधी, सभासद विनोद पंवार, मेघा भट्ट, जितेंद्र तनेजा, हितेश गुप्ता, कमलराज, मधु खत्री समेत सेना केमनोनीत सदस्य शामिल रहे।
कुत्ता पालन की फीस बढ़ी
छावनी परिषद क्षेत्र में कुत्ता पालने की लाइसेंस फीस दोगुना करते हुए 50 रुपये के स्थान पर 100 रुपये कर कर दी गई है। इसके साथ ही कुत्ते के गले में डाले जाने वाला टोकन के 50 रुपये अलग से चुकाने होंगे। रेहड़ी ठेली की फीस भी 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है।
सीवर लाइन पर हंगामा
बोर्ड बैठक में सीवर लाइन को लेकर भी हंगामा हुआ। छावनी परिषद ने पहले फेस में प्रेमनगर क्षेत्र में सीवर लाइन की डीपीआर तैयार की। इस पर गढ़ी क्षेत्र के चारों सभासदों ने वहां की डीपीआर बनाने की मांग की। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
-डोर टू डोर कूड़ा उठान कराने वाली कंपनी के हटाने पर सभासद अड़े। बोर्ड अध्यक्ष खुद फील्ड में करेंगे काम का निरीक्षण।
-पार्षदों ने विकास कार्यों के 61 प्रस्ताव दिए। बजट कम होने के चलते इन्हें वरीयता के हिसाब से देने को कहा गया।