हटेंगी कबाड़ की दुकानें
नई आढ़त मंडी के लिए प्रस्तावित स्थल पर कबाड़ की कुछ दुकानें पाई गईं। इस दौरान यह तय किया गया कि इन्हें यहां से हटाया जाएगा। इन्हें विस्थापित करते हुए दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा।
109 बीघा जमीन पर बनेगी नई मंडी
पटेलनगर थाने के पीछे स्थित यह जगह करीब 109 बीघा है। इस पर सभी थोक व्यापारियों को शिफ्ट करने के बाद एमडीडीए जगह बचने पर अपनी अन्य परियोजनाओं में इस शेष जमीन का प्रयोग करेगा।
यू आकार में बनेगी मंडी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया कि नई आढ़त मंडी को हरिद्वार बाईपास पर यू-आकार में बनाया जाएगा। इसमें एक लेन से वाहन मंडी में प्रवेश करेंगे। जबकि, दूसरी लेन से बाहर की ओर निकल जाएंगे। इन्हीं दोनों लेनों के चारों तरफ दुकानें बनाई जाएंगी।
हरित पट्टी की जाएगी विकसित
प्रस्तावित स्थल के एक तरफ बिंदाल नदी है। इसके करीब हरित पट्टी विकसित की जाएगी। वहीं, नई मंडी को खूबसूरत बनाने के लिए यहां पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। इस पर भी निरीक्षण के दौरान सहमति बनी।
शासन में जाएगी विस्थापन नीति
एमडीडीए की ओर से आढ़त बाजार को शिफ्ट करने के लिए विस्थापन नीति लगभग तैयार कर ली गई है। इसमें आढ़त व्यापारियों को शिफ्ट करने के लिए फार्मूला तय किया गया है। वहीं, अन्य दुकानदारों को यहां दुकान देने का भी रास्ता निकाला गया है। इसे शासन में भेजकर अंतिम मुहर लगवाई जाएगी।
व्यापारियों को नई आढ़त मंडी के लिए हरिद्वार बाईपास स्थित यह जगह पसंद आ गई है। अब मंडी शिफ्टिंग के कार्य में तेजी लाई जाएगी। - बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए
ये भी पढ़ें...ChardhamYatra 2023: 10 लाख श्रद्धालु कर चुके पंजीकरण, सत्यापन के बाद ही मिलेगा दर्शन करने का टोकन
दो माह से चल रही है कवायद
देहरादून के यातायात में वर्षों से बड़ी बाधा बने आढ़त बाजार को रेलवे स्टेशन रोड से शिफ्ट करने पर पिछले दो महीने से एमडीडीए काम कर रहा है। एमडीडीए ने नई आढ़त मंडी के लिए बजट का प्रावधान भी कर दिया है। साथ ही पुराने आढ़त बाजार में सड़क चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट पर भी काम किया जा रहा है।