उन्होंने कहा कि संन्यासी अहम से वयम की यात्रा है। संन्यासी चराचर जगत के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। जब भी आवश्यकता पड़ी संन्यासियों ने समाज के उत्थान का कार्य किया। वसुदेव कुटुंबकम का संदेश दुनिया में किसी धरती से गया है तो वह भारत है। इसका श्रेय संन्यासी समाज को ही जाता है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने सनातन पर उपहास करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें इसमें आत्मिक अनुभूति होती है। केंद्रीय रक्षा मंत्री ने केंद्र सरकार की तारीफ करते कहा कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धि के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। अयोध्या के राम मंदिर हो या उज्जैन के महाकाल या अन्य देवी-देवताओं के मंदिर उसके बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
ये प्रमुख संतगण रहे मौजूद
निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती, अटल पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी विश्वात्मानंद, स्वामी रामदेव, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वरानंद, हिंदू धर्म आचार्य सभा के महासचिव स्वामी परमात्मानंद, श्रीदत्तपद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानंद, आचार्य बालकृष्ण, विश्व हिंदू परिषद् के संरक्षक दिनेश, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, सरदार बलजीत, महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद, स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी यतीश्वरानंद, नितीश भारद्वाज, सुरेश चव्हाण, संगीत सोम, नगर विधायक मदन कौशिक, निवर्तमान मेयर अनिता शर्मा, स्वामी ललितानंद आदि मौजूद रहे।