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10 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दफना दिया था शव, 13 महीने बाद मिली सजा-ए-मौत

Thu, 29 Aug 2019 08:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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देहरादून में 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के दोषी को विशेष पोक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। अभियोजन के मुताबिक पोक्सो कोर्ट में अब तक का यह पहला मामला है, जिसमें न्यायालय ने 68 पन्नों में फैसला लिखा है। इसके साथ ही न्यायालय ने ‘उत्तराखंड अपराध में पीड़िता सहायता योजना’ के तहत एक लाख रुपये मृतका के परिजनों को दिए जाने के आदेश जिलाधिकारी को दिए हैं। 

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जुलाई 2018 में सहसपुर थाने में जयप्रकाश निवासी ग्राम नेमका पुरवा मौजा बवा, थाना कुमारगंज, फैजाबाद (अब अयोध्या), उत्तर प्रदेश के खिलाफ 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म, उसकी हत्या करने और शव छुपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। महज 13 महीने में ही अदालत ने आरोपी को सोमवार को दोषी करार देते हुए फैसले के लिए बुधवार का दिन नियत किया था।

अभियोजन की ओर शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी और पीड़ित परिवार की ओर से सौरभ दुसेजा ने मुकदमे में बहस की और 17 गवाह पेश किए थे। इस मुकदमे में वैज्ञानिक साक्ष्य भी सजा का महत्वपूर्ण आधार बने थे, जिसमें मृतका की मुठ्ठी में आरोपी के सिर के बाल, वैजाइनल स्वैब और 10 रुपये के नोट पर दोनों के फिंगर प्रिंट्स आदि। बुधवार को अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाई। 

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विभिन्न धाराओं में सजा

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012(पोक्सो) की धारा-6 : आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना। इसमें से 10 हजार मृतका के परिवार को दिए जाएंगे। जुर्माना न देने पर दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास। 

भारतीय दंड संहिता की धारा 302 : फांसी की सजा व 30 हजार रुपये जुर्माना। 15 हजार रुपये पीड़िता के परिजनों को दिए जाएंगे। जुर्माना न देने पर दो साल का कठोर कारावास। भारतीय दंड संहिता की धारा 201 : पांच साल का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास। 
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यह था पूरा मामला 

सभावाला में इंजीनियरिंग कॉलेज के पास रहने वाले परिवार की 10 साल की बेटी अचानक गायब हो गई। परिजनों ने आसपास के बच्चों से पूछा तो पता चला कि एक व्यक्ति ने उसे 10 रुपये का लालच देकर अपने झोंपड़ीनुमा कमरे में बुलाया था।

परिजनों ने वहां देखा तो बच्ची नहीं मिली। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने कमरे की छानबीन शुरू की। कुछ देर बाद कमरे में ही कुछ बोरों और मिट्टी व ईंट के टुकड़ों के नीचे से बच्ची का शव बरामद हो गया। पुलिस ने तत्काल आरोपी जयप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया था।
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