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2008 में हुई ऐसी दरिंदगी कि कांप गई हर लड़की की रूह

Wed, 01 Jul 2015 12:52 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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उत्तराखंड में लालकुआं के बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी भाष्कर जोशी को एडीजे न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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19 नवंबर 2008 को एक युवती के साथ बलात्कार कर उसकी निर्मम हत्या की गई थी। उसका शव घर के पास ही गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। हत्याकांड के विरोध में नैनीताल जिले ही नहीं पूरे कुमाऊं क्षेत्र में जबर्दस्त आंदोलन हुआ था। आंदोलन के दबाव में ही पुलिस ने इस हत्याकांड में भाष्कर जोशी को नामजद मुलजिम बनाया था।

मोटाहल्दू निवासी 24 वर्षीय युवती अपने रिश्तेदार के साथ रहती थी। वह हल्द्वानी स्थित जेटकिंग हार्डवेयर नेटवर्किंग इंस्टीट्यूट में नौकरी करती थी। 19 नवंबर 2008 को वह इंस्टीट्यूट से ऑटो से घर जाते वक्त गायब हो गई। खोजबीन में परिजनों को उसका शव गन्ने के खेत से मिला था।
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युवती के गले में बेल्ट कसी थी और उसका लंच बाक्स भी वहीं पड़ा था। रिपोर्ट में बलात्कार के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

गिरफ्तारी के लिए कुमाऊं में हुआ जबर्दस्त आंदोलन

हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए कुमाऊं में जबर्दस्त आंदोलन हुआ। सामाजिक एवं महिला संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए। लालकुआं क्षेत्र में कई दिनों तक कर्फ्यू जैसा माहौल रहा। जनांदोलन होने से कई पुलिस कर्मियों के तबादले भी हुए। पुलिस ने हत्याकांड में मोटाहल्दू निवासी भाष्कर जोशी को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चार्टशीट पेश की।

अपर सत्र प्रथम न्यायाधीश की अदालत में मुकदमे की सुनवाई चली। शासकीय वकील नवीन चंद्र जोशी ने 19 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। गवाहों के बयानों और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नितिन शर्मा की अदालत ने मंगलवार को हत्याकांड के आरोपी भाष्कर जोशी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

जबकि बलात्कार के मामले में भाष्कर को दोषमुक्त कर दिया। भाष्कर को पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

बाल बना सजा का हथियार
बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी भाष्कर जोशी का एक बाल ही उसकी आजीवन कारावास की वजह बना। युवती की हत्या होने से पहले हत्यारोपी के साथ उसकी हाथापाई हुई थी। इसमें युवती के कपड़े फटे। हाथापाई में युवती की मुट्ठी में आरोपी का बाल आ गया।

पुलिस ने भाष्कर जोशी को आरोपी बनाकर युवती की मुट्ठी से बरामद बाल की लैब में जांच कराई। जांच में बरामद बाल के भाष्कर जोशी के होने की पुष्टि हो गई। आरोपी को सजा दिलाने के लिए बाल ही मजबूत साक्ष्य बन गया।
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सुप्रीम कोर्ट में लंबित है सीबीआई जांच की मांग

युवती के परिजनों ने हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की थी। उत्तराखंड सरकार ने हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति तो नहीं की, लेकिन तत्कालीन कई पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए। मृतक युवती के पिता ने हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, जो अभी तक लंबित है।

...तो क्या नहीं हुआ था बलात्कार
हत्याकांड में पुलिस की विवेचना काफी लचर रही। पुलिस कार्रवाई पर परिजन और आंदोलित जनता अंगुली उठाती रही। पुलिस ने युवती के साथ बलात्कार और हत्या का मुकदमा दर्ज किया, लेकिन पुलिस कोर्ट में युवती के साथ बलात्कार किए जाने के कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाई।

रिश्तेदार का परिवार कर गया पलायन
युवती हत्याकांड के बाद उसके रिश्तेदार का परिवार काफी सदमे में आ गया। युवती बचपन से ही उनके साथ रही थी। हत्याकांड के बाद दहशत में आए रिश्तेदार मोटाहल्दू स्थित मकान और जमीन औने पौने दामों में बेचकर दिल्ली चले गए। जबकि युवती के पिता भवाली (नैनीताल) के एक गांव में रहते हैं।
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