शरीर में ऐसे प्रवेश करता है कॉक्ससैकी वायरस
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कॉक्ससैकी वायरस मुख्य रूप से दूषित सतहों में पनपता है। हाथ, पैर और मुंह के माध्यम से यह शरीर में संक्रमण पैदा करता है। यह एक बच्चे से दूसरे बच्चे में बहुत तेजी से फैलता है। ये एंटरोवायरस परिवार का हिस्सा है जो इंसानी पाचन तंत्र (आंतों) में जीवित रहता है और संख्या बढ़ाता है। कई बार यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
ऐसे करना होगा बचाव
- पानी को 15 मिनट तक उबालकर पिएं
- सब्जियां गर्म पानी से धुलकर पकाएं
- बच्चों को बाहर न जाने दें
डॉक्टरों की टीम गांव में कैंप लगाकर बच्चों की जांच कर रही है। आस-पास के गांव के बच्चों की भी जांच की जा रही है। इस तरह के लक्षण वाले बच्चों में बढ़ोतरी हुई है। टीम निगरानी रखे हुए है।
- डॉ. श्याम विजय सिंह, मुख्स चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी
भंगेली गांव से सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा पूरे प्रदेश में जल स्रोतों की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। टीमें कैंप लगाकर कई दिनों तक पानी की जांच कर रही हैं।
- डीके सिंह, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान