पाॅलिथीन आदि से दुर्गन्ध
कैंट बोर्ड के सीईओ अभिनव सिंह ने कहा कि वर्तमान में पाॅलिथीन बैग, चिप्स रैपर, पैकिंग बैग, प्लास्टिक के कट्टे आदि को लो वैल्यू प्लास्टिक की श्रेणी में रखा जाता है। इनका न कोई खरीदार हैं और न बाजार। कूड़ा बीनने वाले भी प्लास्टिक की बोतलें, कांच आदि को उठा लेते हैं पर पाॅलिथीन बैग, चिप्स रैपर आदि नहीं लेते। कहा कि पाॅलिथीन कचरा बैंक इसी समस्या को सुलझाएगा। बताया कि पाॅलिथीन आदि से दुर्गन्ध नहीं आती है। लोग 15-20 दिन का पॉलिथीन कचरा एक साथ इकट्ठा कर बेच सकते हैं। इस मौके पर अध्यक्ष छावनी परिषद ब्रिगेडियर अनिर्वन दत्ता, सीईओ शायना ईको यूनिफाइड कंपनी के डायरेक्टर नितिन आदि उपस्थित रहे।
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आरडब्ल्यूए के विजेताओं को किया पुरस्कृत
कैंट बोर्ड की ओर से छावनी परिषद ने सैन्य क्षेत्र की आरडब्ल्यूए ( रेजीडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन) के बीच में पॉलिथीन और ई-वेस्ट कलेक्शन कंपीटीशन करवाया था। जिसके विजेताओं को भी शहरी विकास मंत्री ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।