अगले साल से आसान हो जाएगी पहचान
नकली दवाओं पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने भी कुछ फैसले लिए हैं। एपीआई (एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स) क्यूआर कोड लगाना जरूरी कर दिया गया है। स्कैन करने के बाद चंद सेकेंड में ही दवा की हकीकत सामने आ जाएगी। यह नियम एक जनवरी से लागू किया जाएगा। हालांकि, कुछ कंपनियों ने अपनी दवाओं के स्ट्रीप पर टोल फ्री नंबर आदि लिखने भी शुरू कर दिए हैं।
सावधान! दवाएं खरीदें, मगर ध्यान से
इन बातों का रखें ध्यान
दवा हमेशा डॉक्टर के पर्चे से ही खरीदें, खरीदने के बाद मेडिकल स्टोर से बिल जरूर लें, अपने मन से डॉक्टर बनने की आदत छोड़ दें, ऑनलाइन दवा भी सिर्फ डॉक्टर के पर्चे को स्कैन कर ही खरीदें, दवा मिलने के बाद एक बार डॉक्टर को जरूर दिखा लें, एक्सपायरी डेट पास में हो तो उसे खरीदने से बचें, दवा को लेकर कोई संशय हो तो औषधि निरीक्षक को जानकारी दें।